"हमें ये भूलना नहीं है कि लॉकडाउन भले चला गया हो, मगर वायरस नहीं गया है। बीते 7-8 महीनों में, प्रत्येक भारतीय के प्रयास से, भारत आज जिस संभली हुई स्थिति में हैं, हमें उसे बिगड़ने नहीं देना है और अधिक सुधार करना है।"
लड़की को शिक्षा के स्तर पर सशक्त बनाना हो या शारीरिक रूप से परिपक्व बनाना हो, जरूरी है कि अब यह उम्र का दायरा थोड़ा और आगे बढ़े व मुमकिन हो तो 21 साल तक इसे किया ही जाना चाहिए।
राम मंदिर, सरदार पटेल की प्रतिमा, सर्जिकल स्ट्राइक, जन-धन खाता, राफेल और योग दिवस - कॉन्ग्रेस ने हर उस फैसले का जम कर विरोध किया, जो देशहित में था, जनता के भले के लिए था।
हमारे सामने कई बड़े लक्ष्य हैं, 130 करोड़ की आबादी वाले देश के लोगों को बेहतर जीवनशैली देना। इस संबंध में जितने प्रयास लगातार हो रहे हैं, वह पंडित दीनदयाल उपाध्याय जैसे दिव्य पुरुषों के आशीर्वाद का नतीजा है।
मोदी सरकार द्वारा किए गए श्रम कानून में सुधार के बाद तरह-तरह के सवाल उठ रहे हैं। इसीलिए आज हम आपको इनसे जुड़े पाँच महत्वपूर्ण सवालों का जवाब देने जा रहे हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि देश में 700 से अधिक जिले हैं, लेकिन कोरोना के जो बड़े आँकड़े हैं वो सिर्फ 60 जिलों में हैं, वो भी 7 राज्यों में। मुख्यमंत्रियों को सुझाव है कि एक 7 दिन का कार्यक्रम बनाएँ और प्रतिदिन 1 घंटा दें।