Monday, July 22, 2024
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वैक्सीन विकसित करके भारत ने दुनिया को मुश्किलों से उबारा, आर्थिक मोर्चे पर भी बेहतर हो रहे हालात: दावोस में PM मोदी

"अभी तो 2 मेड इन इंडिया वैक्सीन दुनिया में आई हैं, आने वाले समय में कई और वैक्सीन बनकर आने वाली हैं। ये वैक्सीन दुनिया के देशों को और ज्यादा बड़े स्तर पर, ज्यादा गति से मदद करने में सहायता करेंगी।"

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को विश्व आर्थिक मंच के ‘दावोस एजेंडा’ को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने भारत के विकास संबंधी विभिन्न पहलुओं और प्रौद्योगिकी के उपयोग पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि भारत की इस हजारों वर्ष पुरानी प्रार्थना, ‘सर्वे सन्तु निरामयाः‘ पूरा संसार स्वस्थ रहे, पर चलते हुए संकट के इस समय में भारत ने अपनी वैश्विक जिम्मेदारी को भी शुरू से निभाया है।

पीएम मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए कहा, “आशंकाओं के बीच मैं आपके सामने आत्मविश्वास, सकारात्मकता और दुनिया के लिए उम्मीद के साथ 130 करोड़ से अधिक भारतीयों का संदेश लेकर आया हूँ।”

पीएम मोदी ने कहा, “कोरोना से लड़ाई में भारत के प्रत्येक व्यक्ति ने धैर्य के साथ अपने कर्तव्यों का पालन किया। पीएम ने कहा कि 12 दिन में 23 लाख लोगों को कोरोना का टीका लगाया गया। और आने वाले कुछ महीनों में हम देश में 30 करोड़ बुजुर्ग और अन्य बीमारियों से ग्रस्त लोगों को कोरोना वायरस का टीका लगाने का लक्ष्य प्राप्त कर लेंगे।”

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दावोस संवाद में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “आज भारत उन देशों में है जो कोरोना से अपने ज्यादा से ज्यादा लोगों की जिंदगी बचाने में सफल रहे और जहाँ कोविड मामलों की संख्या लगातार घट रही है। भारत ने दुनिया का सबसे बड़ा वैक्सीनेशन ड्राइव शुरू किया है।”

डिजिटल माध्यम से हुए इस सम्मेलन में हिस्सा ले रहे प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “अभी तो 2 मेड इन इंडिया वैक्सीन दुनिया में आई हैं, आने वाले समय में कई और वैक्सीन बनकर आने वाली हैं। ये वैक्सीन दुनिया के देशों को और ज्यादा बड़े स्तर पर, ज्यादा गति से मदद करने में सहायता करेंगी।”

पीएम मोदी ने आगे कहा, “जब दुनिया के अनेक देशों में एयरस्पेस बंद था तब 1 लाख से ज्यादा नागरिकों को उनके देश पहुँचाने के साथ ही भारत ने 150 से ज्यादा देशों को जरूरी दवाइयाँ भी भेजी। अब भारत अपने 1.3 बिलियन नागरिकों को हेल्थ केयर तक आसान पहुँच के लिए यूनिक हेल्थ आईडी देने का काम शुरू कर रहा है।”

उन्होंने कहा, “भारत के 1.3 बिलियन लोगों के पास यूआईडी – आधार है, जो उनके खातों से जुड़ा हुआ है। दिसंबर 2020 में, UPI से 4 ट्रिलियन रुपए के लेन-देन किया गया है। बैंकिंग क्षेत्र के लोग जानते हैं कि दुनिया भर के देश भारत द्वारा विकसित UPI प्रणाली को दोहराने की कोशिश कर रहे हैं।”

पीएम मोदी ने कहा, “कोरोना संकट के दौरान अनेक देश परेशान थे कि अपने नागरिकों तक सीधे आर्थिक मदद कैसे पहुँचाएँ? आप ये जानकर चौंक जाएँगे कि इसी दौरान भारत ने 760 मिलियन से ज्यादा लोगों के बैंक खातों में 1.8 ट्रिलियन रुपए से अधिक सीधे ट्रांसफर किए हैं।”

उन्होंने बताया, “COVID संकट ने हमें मानवीय मूल्यों की मूल बातें सिखाई हैं। उद्योग 4.0 मनुष्यों के लिए है, न कि रोबोटों के लिए। हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि प्रौद्योगिकी जीवन जीने में आसानी के लिए एक उपकरण बन जाए, न कि एक जाल। सरकार ने उत्पादन बढ़ाने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं। हमने नई उत्पादन इकाइयों के लिए कॉरपोरेट टैक्स घटाकर 15 फीसदी कर दिया और जीएसटी दरें घटा कर व्यवस्था आसान की है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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