"अभी जो आपने और आपके साथियों ने वीरता दिखाई है, उसने पूरी दुनिया में ये संदेश दिया है कि भारत की ताकत क्या है। मैं गलवान घाटी में शहीद हुए सैनिकों को आज फिर से श्रद्धांजलि देता हूँ। उनके पराक्रम, उनके सिंहनाद से धरती अब भी, उनका जयकारा कर रही है।"
भारत आपदा में रोने वाला देश नहीं है, बल्कि संकट को अवसर में बदलने के लिए गंभीर है। उन्होंने बताया कि कैसे हम आयात पर निर्भरता कम करेंगे और युवाओं को रोजगार देकर भारत को मजबूत बनाएँगे।