Wednesday, July 6, 2022
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दिल्ली से अफगानिस्तान गए सिख को गुरुद्वारे से अगवा करने वाले हथियारबंद कौन? परिवार ने भू-माफिया का हाथ बताया

दिल्ली में रहने वाले निधान सिंह के चचेरे भाई चरण सिंह सचदेवा के अनुसार, परिवार को पता चला है कि सिख व्यक्ति का अपहरण तालिबान ने बल्कि स्थानीय भू-माफिया ने किया है। उन्होंने कहा कि अपहरणकर्ताओं ने पहले तस्वीरें और वीडियो व्हाट्सएप पर भेजे थे, तब से अपहरणकर्ताओं के साथ कोई बातचीत नहीं हुई।

इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक अफगानिस्तान से एक सिख व्यक्ति के अपहरण से जुड़ी एक जानकारी सामने आई है, जिसमें कहा गया है कि यह अपहरण स्थानीय माफिया की करतूत हो सकती है। इसमें तालिबान शामिल नहीं है, जैसा कि पहले आरोप लगाया गया था।

पीड़ित सिख व्यक्ति के परिवार द्वारा एक स्थानीय भू-माफिया पर अपहरण में शामिल होने का आरोप लगाया गया है। दरअसल सिख व्यक्ति को पक्तिया प्रांत में अफगानिस्तान के चामकनी जिले में थाला श्री गुरु नानक साहिब गुरुद्वारे से हथियारबंद लोगों द्वारा अगवा कर लिया गया था।

अगवा किए गए सिख व्यक्ति का नाम निधान सिंह सचदेवा (55) है। वे दीर्घकालिक वीजा पर दिल्ली में रहने वाले अफगानी थे। मार्च में गुरुद्वारे में सेवा करने और वार्षिक मेले में भाग लेने के लिए वे अफगानिस्तान की यात्रा पर गए थे।

सिख व्यक्ति के परिवार के अनुसार उन्हें 17 जून की रात को गुरुद्वारे से ‘हथियारबंद लोगों’ द्वारा अपहरण कर लिया गया था और तब से उनके बारे में कोई जानकारी नहीं है। अब परिवार ने चिंता व्यक्त करते हुए पीएम मोदी को पत्र लिखकर सिख व्यक्ति की रिहाई में हस्तक्षेप करने और भारतीय नागरिकता देने की माँग की है।

निदान सिंह के अपहरण के लिए स्थानीय भू-माफिया जिम्मेदार

दिल्ली में रहने वाले निधान सिंह के चचेरे भाई चरण सिंह सचदेवा के अनुसार, परिवार को पता चला है कि सिख व्यक्ति का अपहरण तालिबान ने बल्कि स्थानीय भू-माफिया ने किया है। उन्होंने कहा कि अपहरणकर्ताओं ने पहले तस्वीरें और वीडियो व्हाट्सएप पर भेजे थे, तब से अपहरणकर्ताओं के साथ कोई बातचीत नहीं हुई। सचदेवा ने कहा कि निधान सिंह डायबिटीज के मरीज हैं और उन्हें उचित देखभाल की बेहद जरूरत है।

इसके अलावा, सचदेवा ने कहा कि माफियाओं ने गुरुद्वारा की जमीन पर कब्जा कर लिया था, क्योंकि लोग वार्षिक मेला यात्रा के लिए मुश्किल ही वहाँ जाते हैं।

सचदेवा ने कहा कि निदान जमीन पर वापस नियंत्रण पाने की कोशिश में लगे हुए थे। जमीन अफगानिस्तान में सिख समुदाय की है और हमारा परिवार इस गुरुद्वारे की देखभाल करता है। यह गुरुद्वारा पाकिस्तान की सीमा के पास स्थित है और कोई सिख वहाँ मुश्किल ही रहता है।

सिंह के अपहरण की योजना उस समय बनी जब 25 मार्च को काबुल में गुरुद्वारा हर राय साहिब में इस्लामिक स्टेट द्वारा एक भीषण हमला किया गया था, जिसमें 25 सिख समुदाय के लोग मारे गए थे।

इससे पहले यह संदेह था कि सिंह के अपहरण में तालिबानी शामिल हो सकते हैं, लेकिन गुरुद्वारा दशमेश पीता श्री गुरु गोबिंद सिंह जी सिंह सभा काबुल परवाण के प्रबंध समिति के सदस्य छबोल सिंह ने पुष्टि की कि सिंह का अपहरण स्थानीय भू-माफिया द्वारा किया गया है। भू-माफिया गुरुद्वारा की भूमि पर नज़र गड़ाए हुए हैं।

निदान सिंह के परिवार ने पीएम मोदी को लिखा पत्र

इस बीच निधान सिंह के परिवार ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर अपहृत व्यक्ति की रिहाई में हस्तक्षेप करने की माँग की है। निदान की पत्नी महरवंती ने लिखा कि उनके पति का पक्तिया के चंपकनी स्थित गुरुद्वारा थाला साहिब से अपहरण कर लिया गया है।

वह अपने भारतीय दीर्घकालिक वीजा को नवीनीकृत करवाने और इस ऐतिहासिक गुरुद्वारा को व्यवस्थित करने के लिए इस साल मार्च में अफगानिस्तान की यात्रा पर गए थे। पक्तिया हमारे परिवार के पूर्वजों का सम्मान है।

निदान सिंह की पत्नी ने पत्र में लिखा कि मैंने और मेरे परिवार के सदस्यों ने मेरे पति से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। हम उनको लेकर बेहद चिंतित हैं, क्योंकि वह मधुमेह, उच्च रक्तचाप जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित हैं। अपहरणकर्ताओं ने अपनी पहचान का खुलासा नहीं किया है। उन्होंने वॉयस मैसेज और व्हाट्सएप पर पति के और खुद के फोन नंबर से उनकी फोटो भेजी है।

निदान सिंह की पत्नी महरवंती ने अफगानिस्तान में अल्पसंख्यकों की दुर्दशा की ओर पीएम मोदी का ध्यान आकर्षित किया। महरवंती ने लिखा, “अफगानिस्तान में अल्पसंख्यकों पर गंभीर अत्याचार किए जाते हैं और उनकी सुरक्षा की किसी प्रकार की कोई गारंटी नहीं है। भारत सरकार से अनुरोध है कि वह हमें उपयुक्त सहायता प्रदान करे और उचित कार्यवाही करे।”

पत्र में कहा गया है कि निदान सिंह की जल्द से जल्द सुरक्षित रिहाई के लिए हमारी अपील को उच्चतम स्तर पर संबंधित समकक्षों तक पहुँचाई जाए। कृप्या उनकी रिहाई के तुरंत बाद उन्हें नई दिल्ली वापस भेज दें और हमें जल्द से जल्द भारतीय नागरिकता प्रदान करें।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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