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Ram Mandir

‘राम मंदिर की स्थापना तक नहीं पहनूँगा चप्पल’ – 18 साल से ‘तपस्या’ कर रहे बिहार के राम भक्त की कहानी

"भगवान राम में मेरी असीम आस्था के कारण, सड़कों पर पड़े काँच के एक भी टुकड़े या कंकड़ पत्थर ने मुझे कभी चोट नहीं पहुँचाई। मेरा संकल्प तब पूरा होगा जब अयोध्या में राम मंदिर की स्थापना होगी। मैं ऐसा करने के बाद ही चप्पल पहनूँगा।"

राम मंदिर पर आपका फैसला ‘हिन्दू राष्ट्र में योगदान’: PM मोदी ने लिखा CJI को लेटर? – Fact Check

PM मोदी ने मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर अयोध्या में राम मंदिर के पक्ष में फैसला देने और 'हिन्दू राष्ट्र में योगदान' देने के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया है। हिन्दू राष्ट्र के लिए यह एक नया इतिहास बनेगा और ऐसे 'नाज़ुक समय पर समर्थन' के लिए...

वामपंथियों का खोखलापन, लिब्रहान रिपोर्ट की इन बातों पर साध लेते हैं चुप्पी

लिब्रहान आयोग की रिपोर्ट में माना गया है कि भगवान राम का जन्म अयोध्या में ही हुआ था। इस रिपोर्ट में हिन्दू धर्म ग्रन्थ रामायण के आधार पर कमीशन ने राम और अयोध्या दोनों के अस्तित्व को स्वीकार किया है। ऐसे में इन वामपंथी इतिहासकारों से पूछा जाना चाहिए कि...

राम मंदिर पर फैसला आते ही भावुक हो गए थे CM योगी, TV देख-देखकर बजा रहे थे ताली

"सीएम रहते योगी आदित्यनाथ 18 बार अयोध्या गए। बीते 27 साल में वह भाजपा के दूसरे ऐसे सीएम थे जो रामलला को लेकर अपनी श्रद्धा दिखाने से नहीं हिचके।"

अयोध्या पर फैसला सुनाने वाले 5 जज उस समय पैदा भी नहीं हुए थे, जब दायर हुआ था पहली बार मुकदमा

साल 1950 में 16 जनवरी को फैजाबाद जिले के स्थानीय कोर्ट में पहली बार इस संबंध में मुकदमा दर्ज हुआ था। राम मंदिर पर फैसला सुनाने वाले सीजेआई रंजन गोगोई इन पाँचों न्यायधीशों में उम्र के लिहाज से सबसे बड़े हैं, जिनकी जन्मतिथि 18 नवंबर 1954 है।

‘5 एकड़ जमीन मिली तो बनवाएँगे स्कूल या अस्पताल’ – 14 कोस में जगह माँगने वाले इकबाल अंसारी

"अगर सरकार हमें जमीन देती है तो हम वहाँ पर स्कूल या फिर अस्पताल बनवाएँगे। कोर्ट के फैसले के बाद दोनों समुदाय के बीच पैदा हुई नफरत खत्म हो गई हैं। इसलिए अब वे नहीं चाहते कि हिंदुस्तान में माहौल में बिगड़े। मोदी और योगी सरकार में अमन शांति है..."

‘कारसेवकों को मिले शहीद का दर्जा, उनके ख़िलाफ़ दर्ज मामले वापस लिए जाएँ’ – PM मोदी को पत्र

"चूँकि अब यह स्पष्ट हो गया है कि श्री रामलला एक निर्विवाद मंदिर है, इसलिए उसका शिखर भी मंदिर का था, न कि किसी मस्जिद का गुंबद, तो अनजाने में मंदिर के शिखर को तोड़ने वाले कारसेवकों पर चल रहे बाबरी मस्जिद के गुंबद तोड़ने वाले केस को अविलम्ब सरकार द्वारा समाप्त किया जाए।"

राम मंदिर पर कॉन्ग्रेस में फूट: सुरजेवाला के बयान को ख़ुर्शीद ने नकारा, कहा- मस्जिद को हाइलाइट करते

ख़ुर्शीद ने एक लेख में कहा है कि सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला 'हिन्दू राष्ट्र' को ख़ारिज करता है। अदालत ने फैसले में कहा है कि वहाँ मंदिर तोड़कर मस्जिद बनाने की बात एएसआई की रिपोर्ट साबित नहीं कर पाई।

रामलला के 92 वर्षीय वकील के बेटे ने रामसेतु पर मनमोहन सरकार की पैरवी से कर दिया था इनकार

"मैं श्रीराम में विश्वास रखता हूँ। फिर भला कैसे उनके द्वारा बनाए गए सेतु को तोड़ने के लिए अदालत में सरकार की पैरवी करूँ? नहीं। ये मुझसे नहीं हो सकता।"

रामलला ​ही रहे विराजमान… क्योंकि गुरु नानक देव भी कभी गए थे अयोध्या

बाबर के आक्रमण से वर्षों पहले भी अयोध्या एक तीर्थस्थल था और वहाँ पूजा-पाठ होते थे। यह कैसे साबित हुआ? यह साबित हुआ सिखों के पवित्र साहित्य 'जन्म साखी' से। मतलब जन्मभूमि से भारत के लोगों की भावनाएँ जुड़ी थीं, सिर्फ़ हिन्दुओं की नहीं।

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