"हमारा रुख स्पष्ट है कि हम सभी राष्ट्रों से मौत की सजा का इस्तेमाल बंद करने या इस पर प्रतिबंध लगाने का आह्वान करते हैं।" - संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा कि वैश्विक संगठन सभी देशों से मौत की सजा का इस्तेमाल बंद करने या इस पर प्रतिबंध लगाने की अपील करता है।
पुलिस ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि बच्ची की हालत को देखते हुए उसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। आरोपित युवक हिरासत में लिया जा चुका है। युवक की पहचान रामपुर निवासी इरफान के रूप में हुई है।
कॉन्ग्रेस विधायक के साले पर आरोप है कि उसने की छात्रा को लिफ्ट देने के बहाने सुनसान जगह पर ले जाकर दुष्कर्म का प्रयास किया। इस मामले में पंचायत बिठाकर आरोपित को दो थप्पड़ लगाकर माफी मँगवाकर पूरे प्रकरण को दबाने का प्रयास किया गया।
पीड़िता ने शिकायत में कहा है कि शादी का वादा करने के बाद 2 जनवरी को अली उसे एक गेस्ट हाउस में ले गया। वहाँ उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए। रेप के बाद अली फरार हो गया। उसने अपने सभी सोशल मीडिया अकाउंट भी डिलीट कर दिए।
पीड़िता के सौतले पिता मोहम्मद असलम खान (बदला हुआ नाम) ने पहली बार पीड़िता के साथ 7 साल की उम्र में दुष्कर्म किया था और फिर इसके बाद वो पीड़िता के 16 साल के होने तक उसके साथ रेप करता रहा।
गाँव के लोग मोहम्मद सरफराज को पुलिस के हवाले करने के बजाए पंचायत ले गए। पंचायत का फैसला आश्चर्यजनक रहा। फैसले के अनुसार, सरफराज को टकला करके जूते-चप्पल की माला पहनाकर गाँव में घुमाया गया और फिर छोड़ दिया गया। पीड़िता के पिता केस करना चाह रहे थे, लेकिन कुछ लोगों ने मना कर दिया।
गुनहगारों के वकील एपी सिंह ने फाँसी दिए जाने और ना दिए जाने पर रोष जताते हुए कहा कि आज चौथा डेथ वॉरंट जारी हुआ है, 2013 में चारों दोषियों को फाँसी दी गई, फिर हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने फाँसी दी और इसके बाद पुनर्विचार याचिका में चारों गुनहगारों को फाँसी दी गई।
तजाद्दीन ने गैंगरेप का विडियो भी शूट किया। कई महीनों तक पीड़िता इंसाफ के लिए भटकती रही। आखिरकार सोमवार को उसका मामला दर्ज किया गया। आरोपितों की धर-पकड़ के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है।
पुलिस को पूछताछ में पता चला कि लड़की के भाई ने अपनी बहन के हाथ-पैर बाँधकर कई बार उसके साथ रेप किया था। मालूम हुआ कि दिसंबर से लेकर अब तक दोनों भाई-बहन घर में अकेले रहते थे, इसी दौरान उसके भाई ने दुष्कर्म को अंजाम दिया।
पादरी ने खुद को रेप मामले में बचाने की इस कदर 'कोशिश' की थी कि पीड़ित नाबालिग छात्रा के पिता ने ही खुद रेपिस्ट होने की बात पुलिस के सामने कबूल कर ली थी। हालाँकि बाद में वो सुनवाई के दौरान टूट गए, जिसके बाद इस पादरी का डीएनए टेस्ट करवाया गया, जो पीड़िता के बच्चे से मैच कर गया।