रेपो रेट 0.75 फीसदी की कटौती के साथ 4.4% हो गया है। इससे लोन की मासिक किस्तें घटेंगी। कटौती का फायदा होम, कार या अन्य तरह के लोन सहित कई तरह के ईएमआई भरने वाले करोड़ों लोगों को मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही नए लोन लेने वाले ग्राहकों को भी फायदा मिलेगा।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जानकारी देते हुए बताया कि यस बैंक में भारतीय स्टेट बैंक 49 फीसदी की हिस्सेदारी खरीदेगी। इस दौरान वित्तमंत्री ने साफ किया कि SBI 3 साल तक अपनी स्टेक को 26 फीसदी से कम नहीं कर सकेगी। इसके अलावा प्राइवेट लेंडर्स भी इसमें निवेश करेंगे।
वित्त मंत्री ने कहा कि अगर किसी को इमरजेंसी है तो वो नियमों के तहत ज्यादा रकम भी निकाल सकते हैं। नोटिफिकेशन में दी गई जानकारी के मुताबिक, कुछ विशेष परिस्थितियों में अकाउंट होल्डर्स अपने खाते से 50,000 रुपए से अधिक रकम विड्रॉ कर सकते हैं।
सीतारमण ने कहा कि राजन के समय में बैंक कर्जों में बहुत समस्याएँ थीं। राजन के ही RBI प्रमुख रहते भ्रष्ट नेताओं के फ़ोन कॉल से क़र्ज़ मिल जाया करते थे। बैंकों को उस दलदल से निकलने के लिए सरकार से पूँजी ले-ले कर काम चलाना पड़ रहा है।
PMC बैंक के प्रबंध निदेशक जॉय थॉमस ने दावा किया कि बैंक के पास जमाकर्ताओं की देनदारी चुकाने के लिए पर्याप्त नकदी है। उन्होंने RBI के कदम को "ज़रूरत से ज़्यादा कठोर" बताया।