तेज प्रताप यादव का मालदीव जाना या उन्हें भेजा जाना, निशु सिन्हा का उनके साथ जाना, अनुष्का यादव को सब पता होना, तस्वीरें लीक होना, फिर चैट लीक होना और तेज प्रताप यादव को पार्टी व परिवार से निष्कासित किया जाना - ये सब अचानक नहीं हुआ है।
क्या बिहार में इस बार एक त्रिकोणीय मुक़ाबला देखने को मिलेगा, जहाँ कॉन्ग्रेस पार्टी PK के साथ गठबंधन में होगी? राहुल गाँधी ने शक्ति-प्रदर्शन के जरिए राजद को दिया सन्देश?
एक समय था कि मजदूरों को पूंजीपतियों और विकास के विरुद्ध भड़का कर कम्युनिस्ट नेतागिरी चमकाया करते थे। अब वह दौर नहीं रहा। कन्हैया की इस राजनीति को बिहार नहीं स्वीकार करने वाला है।