टिकटॉक ने ऐसा वर्ग को पैदा किया जो फेमस होने के लिए कुछ भी करने को तैयार थे। अब वो ऐप बैन है लेकिन इससे प्रभावित लोग अब भी वर्चुअल दुनिया के गुलाम हैं।
कंगना रनौत ने कहा कि मंडी का नाम यहाँ रहने वाले ऋषि मांडव के नाम पर पड़ा है। मनाली का नाम मनुस्मृति लिखने मनु के नाम पर है, व्यास नदी ऋषि वेदव्यास के नाम पर है।
ब्राह्मण और बनिया समुदाय को गाली देने के अलावा, उन्होंने "जय भीम-जय मीम" और "जय सावित्री-जय फातिमा" जैसे नारे लगाए। उन्होंने जाति जनगणना और आरक्षण की भी माँग की।
सुप्रिया के आपत्तिजनक पोस्ट पर प्रश्न उठाए जाने पर उन्होंने इसे हटा लिया और ट्विटर पर सफाई पेश की। उन्होंने ट्विटर पर एक ट्वीट लिख कर अकाउंट दूसरे के हाथ में होने और साथ ही एक पैरोडी अकाउंट पर दोष मढ़ने का प्रयास किया।
कंगना रनौत का नाम हिमाचल प्रदेश की मंडी लोकसभा सीट से घोषित किया गया। कंगना रनौत मंडी लोकसभा की खुद निवासी हैं। हालाँकि, उनको टिकट मिलने के बाद सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणियों की बाढ़ आ गई।