सुप्रीम कोर्ट ने नफरत फैलाने वाले बयानों की बढ़ती संख्या देखकर औपचारिक शिकायत दर्ज होने का इंतजार किए बिना राज्य सरकार और पुलिस अधिकारियों को स्वत: कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। लेकिन, तमिलनाडु पुलिस ने ऐसा नहीं किया।
कोर्ट ने ED से कहा कि अगर वह फिजियोथेरेपी कराते हैं तो आप उनकी फोटो लेकर पब्लिश करा देते हैं। ऐसे में क्या किया जाए? जेल में स्विमिंग पूल चाहते हैं AAP नेता।