जाँच में यह भी पता चला कि अवैध खनन की काली कमाई खाने में कई सफेदपोश नेता और अधिकारी भी शामिल हैं। अब जाँच के आधार पर लगातार सीबीआई छापेमारी कर रही है। जिसमें भारी मात्रा में नगदी पाए जाने की सूचना है।
फ़ारुख़ 3 वर्ष पहले भी बलात्कार के प्रयास के आरोप में जेल की हवा खा चुका है। उस समय उसने एक युवती का बलात्कार करने की कोशिश की थी। फ़ारुख़ अव्वल दर्जे का नशेड़ी है और वह नशे की हालत में इधर-उधर भटकता रहता था।
हाजी इक़बाल के बारे में कहा जाता है कि वह पूर्व मुख्यमंत्री मायावती का क़रीबी है। उसका नाम खनन घोटाले में भी आ चुका है। हाजी इक़बाल को 2010 में बसपा से विधान पार्षद बनाया गया था। उसके भाई महमूद अली को भी विधान पार्षद बनाया गया है। जानिए यूपी के चीनी मिल घोटाले के बारे में।
2019 आ गया है। दिल्ली इस तरह की घटनाओं से बुरी तरह से प्रभावित है। किसे दोषी ठहराया जाए? वोट बैंक की राजनीति? आज भी अविश्वास का भाव बना रहता है। तो क्या हौज़ काज़ी, मेरठ, आगरा, मुज़फ़्फ़रनगर, हरियाणा, सूरत, पश्चिम बंगाल और अन्य ऐसी जगहों पर हिंदू परिवारों को उनके साथ रहना चाहिए, जहाँ दूसरे मजहब की आबादी काफी है और जहाँ अब सड़कों पर उन्मादी और अराजक भीड़ निकल रही है।
वसीम ने कहा, " इस मंदिर को जड़ से उखाड़ दो, जब मंदिर ही नहीं बचेगा तो विवाद खत्म हो जाएगा।" उस पर यह भी आरोप है कि उसने वहाँ बचे-खुचे एक-दो घरों में बसे हिंदुओं को भी भगा देने और घर पर कब्जा कर लेने की भी ललकार लगाई।
जौनपुर शहर कोतवाली क्षेत्र के मछलीशहर पड़ाव के एक मोहल्ले में 12 साल की मासूम शाम के समय कूड़ा फेंकने के लिए घर से बाहर निकली थी। पहले से घात लगाए आरोपितों ने उसे पकड़ लिया और पास के हाते में ले गए। वहाँ परवेज़, साहिल, टनटन समेत अन्य साथियों ने उसका सामूहिक बलात्कार किया।
मुबारकपुर थाने की रहने वाली पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने मामले को दुष्कर्मी ससुर के ख़िलाफ़ FIR दर्ज कर लिया है और बताया है कि महिला अपने ससुर से निजात पाने की बात कर रही है।
मुख्यमंत्री द्वारा करवाई जा रही इन शादियों में सांसद और विधायक के अलावा समाज के प्रतिष्ठित लोगों को भी बुलाया जाएगा। इसके साथ ही कन्या को दी जाने वाली राशि भी इस बार बढ़ा दी गई है। पहले एक बेटी को सरकार की तरफ से 35 हजार रुपए मिलते थे लेकिन अब 51 हजार रुपए कन्यादान के रूप में दिए जाएँगे।