Homeदेश-समाजसोनू की हत्या करने वाले 5 गौ तस्कर रविउल्ला, इश्तियाख, हसीब, फरीद और मेहंदी...

सोनू की हत्या करने वाले 5 गौ तस्कर रविउल्ला, इश्तियाख, हसीब, फरीद और मेहंदी हसन गिरफ्तार

बीते रविवार को पुलिस लेलहर बमरौली सड़क पर आरोपितों के वाहन को रोकने का प्रयास कर रही थी कि तभी गाड़ी में बैठे तीन लोगों ने उनके ऊपर ओपन फायरिंग कर दी।

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत इलाके से 23 वर्षीय सोनू उर्फ सोनपाल को मारने वाले 5 गौतस्करों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इनकी पहचान पुलिस ने रविउल्ला, इश्तियाख, मोहम्मद हसीब, फरीद और मेहंदी हसन के रूप में की।

मीडिया खबरों की मानें तो बीते रविवार को पुलिस लेलहर बमरौली सड़क पर आरोपितों के वाहन को रोकने का प्रयास कर रही थी कि तभी गाड़ी में बैठे तीन लोगों ने उनके ऊपर ओपन फायरिंग कर दी।

पुलिस ने इस हरकत के बाद गाड़ी का पीछा किया और गाड़ी में बैठे तीनों को पकड़कर गिरफ्तार किया। पुलिस को इन लोगों की गाड़ी से पशु, देशी बंदूकें और जिंदा कारतूस मिली।

पूछताछ में पशु तस्करों ने सोनपाल की हत्या को स्वीकारा और साथ ही अपने दो अन्य साथियों के नामों का भी पर्दाफाश किया। नाम पता चलने के बाद पुलिस ने अन्य दो को शाहजहाँ पुर जिले से गिरफ्तार किया।

पुलिस ने अपनी जाँच में बताया कि इन सभी आरोपितों पर पहले भी कई अपराधों पर मामले दर्ज हो चुके हैं और अकेले हसीब पर तो वर्तमान में 14 केस चालू हैं। जबकि एक को तो तीन साल पहले भी पुलिस पशुओं से भरा वाहन भगाने के इल्जाम में गिरफ्तार कर चुकी है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -