यूपी के स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह ने बुधवार को कहा था कि वो विभिन्न राज्यों की जनसंख्या नीति का अध्ययन कर रहे हैं और उन में से जो उनके लिए सबसे बेहतर होगी, उसे देश के सबसे ज्यादा आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश के लिए लेकर आएँगे।
यूपी पुलिस ने लखनऊ के प्रमुख चौराहों पर 57 दंगाइयों के पोस्टर लगाए हैं। दंगाइयों को संपत्ति के नुकसान की वसूली का नोटिस भी दिया गया है। हिंसा फैलाने वाले सभी उपद्रवियों के पोस्टर और बैनर लगाए जाएँगे। जुर्माना नहीं देने पर इनकी संपत्ति कुर्क की जाएगी।
धोखाधड़ी के मामले में जेल में बंद भू-माफिया और बकरी चोरी के आरोपित मोहम्मद आजम खान पिछली सरकार में नगर विकास विभाग के मंत्री थे और वर्ष 2016-17 में हुई इन भर्तियों के समय जल निगम उन्हीं के विभाग के अधीन था।
‘‘किसानों की आय बढ़ाने के लिए एक 16 सूत्री कार्यक्रम बनाया गया है। सरकार का प्रयास है कि किसान को उसके खेत के कुछ किलोमीटर के दायरे में ही एक ऐसी व्यवस्था मिले, जो उसे देश के किसी भी मार्केट से जोड़ दे और आने वाले समय में ये ग्रामीण हाट कृषि अर्थव्यवस्था के नए केंद्र बनेंगे।"
“एक बात नोट कर लें... ये ‘कयामत का दिन’ कभी नहीं आने वाला है। लोकतंत्र की आड़ में आगजनी करने की छूट सरकार नहीं देगी। तोड़फोड़ करने की छूट नहीं देगी और जिसने किया है उससे वसूली भी करेगी।”
इससे पहले योगी सरकार ने दंगाइयों को सबक सिखाने के लिए करीब 498 लोगों की संपत्तियों को जब्त करने के लिए चिन्हित किया था। गौरतलब है कि बुलंदशहर के मुस्लिमों ने जिला मजिस्ट्रेट को 6 लाख रुपये का भुगतान किया था।
मौजूदा समय में भारत के पास लगभग 626 टन सोने का भंडार है, वहीं मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो सोनभद्र जिले में मिला सोना इससे करीब 5 गुना ज्यादा है। राज्य के खानिज विभाग ने सोने की इस खान का पता लगाया है और जल्द ही इस सोने को निकालने का काम शुरू कर दिया जाएगा।
इससे पहले योगी सरकार द्वारा मुगलसराय स्टेशन का नाम बदलकर जनसंघ के संस्थापक सदस्य दीनदयाल उपाध्याय के नाम पर रखा गया था। इसके बाद इलाहाबाद का नाम प्रयागराज और फैजाबाद जिले का नाम बदलकर अयोध्या रखा गया था।
इस पोस्ट को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस से शिकायत करते हुए आरोपित पर माहौल खराब करने की कोशिश का आरोप लगाया गया था। कथित तौर पर चॉंद ने दो फोटो अपलोड कर उनकी तुलना करते हुए योगी के लिए अभद्र टिप्पणी की थी।
"अगर कोई व्यक्ति किसी निर्दोष को मारने के लिए निकला है और वह पुलिस की चपेट में आता है, तो या तो पुलिसकर्मी मरे, या फिर वह मरे। किसी एक को तो मरना होगा, लेकिन एक भी मामले में पुलिस की गोली से कोई नहीं मरा है।"