एक छात्रा ने ये भी बताया कि हर शुक्रवार (जुमा) को स्कूल में नमाज पढ़ना अनिवार्य था। हिंदी-अंग्रेजी से ज्यादा उर्दू-अरबी सिखाया जाता था। प्रार्थना में दुआ पढ़ने को कहा जाता था।
प्रिंसिपल कायस्थ परिवार की है, लेकिन अब वो 'खान' लगाती है। इसी तरह 2 अन्य शिक्षिकाएँ भी 'यादव' और 'जैन' की जगह 'खान' बन गईं। स्कूल में धर्मांतरण का खेल।
लड़की कहती है ये मुस्लिम है इससे तुम्हें क्या मतलब है। एक वीडियो (साक्षी हत्याकांड) वायरल हो गया तो तुम बतंगड़ बनाकर बैठ जाओगे। ये मेरे साथ है चाहे कुछ भी हो जाए।
पीड़िता की रेस्क्यू वीडियो झकझोर देने वाली है। देख सकते हैं कि जब लोग उस बच्ची के पास पहुँचते हैं तो वो डरी-सहमी होती है। उसे आसपास लोगों को देख डर लगता है।