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‘इस्लाम खतरे में है, काफिरों को मार डालो’: मुस्लिम भीड़ ने ट्रेन में ज़िंदा जला डाले 59 राम भक्त, 10 तो बच्चे और 27...

27 फरवरी, 2002 को गुजरात के गोधरा में अयोध्या से लौट रहे 59 कारसेवकों को मुस्लिम भीड़ ने साबरमती एक्सप्रेस की S-6 बोगी में ज़िंदा जला दिया था।

‘बलिदानी रामभक्त मार्ग’: मुलायम सिंह के आदेश पर हुई फायरिंग में जिन कारसेवकों के गए प्राण, उनके नाम पर सड़क बनाएगी योगी सरकार

योगी सरकार ने 1990 में अयोध्या में पुलिस फायरिंग में वीरगति को प्राप्त हुए कारसेवकों के नाम पर सड़कों के निर्माण का फैसला किया है।

जाने किस तरह से किया गया था अस्थाई राम मंदिर का निर्माण, 1992 में बाबरी मस्जिद ढहाने के बाद का वो पल

आपको जानकर कर खुशी होगी कि बाबा ने ही "रामलला हम आएँगे, मंदिर वही बनाएँगे" वाला प्रसिद्ध नारा दिया था, जो आज भी राम भक्तों के बीच बेहद लोकप्रिय है।

कारसेवकों का नरसंहार कब, कितने मरे, किसने मरवाया? देश के मीडिया संस्थानों के लेख से सब कुछ गायब

आधी जानकारी ही दबा दी गई है। इसका एक मतलब यह भी है कि मुख्यधारा मीडिया के लिए हिंदुओं की जान का कोई मूल्य ही नहीं है।

मुलायम सिंह सरकार ने कारसेवकों को दफ़नाया, उनकी संख्या छिपाने के लिए रची साज़िश: REPUBLIC TV का खुलासा

30 अक्टूबर और 2 नवम्बर 1990, आज़ादी के बाद के इतिहास कि वह दो काली तारीखें है, जब रामजन्मभूमि पर खड़े निहत्थे कारसेवकों पर सेक्युलर स्टेट ने गोली चलवाई थी।

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