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काशी विश्वनाथ मंदिर

‘मथुरा-काशी बाकी है’: 1947 का वो यज्ञ जब 3 दोस्तों ने खींचा हिंदुओं के 3 पवित्र स्थल को वापस पाने का खाका

यह तो पहली झाँकी है, मथुरा-काशी बाकी है। ये नारा तो बहुत बाद में बुलंद हुआ। उससे बरसों पहले तीन दोस्तों ने अयोध्या के साथ-साथ इन दो हिंदू पवित्र स्थलों को वापस पाने का एक विस्तृत खाका तैयार कर लिया था।

‘काशी विश्वनाथ और कृष्ण जन्मस्थान मंदिर में जब प्रार्थना करते हैं तो महसूस होता है कि हम आज भी गुलाम हैं’

"इन दोनों जगहों पर, जब हम प्रार्थना करते हैं, तो दोनों ओर मस्जिदें होती हैं, जो कहती हैं कि आप अब भी गुलाम हैं। इन मंदिरों को मुक्त करना आवश्यक है।"

काशी-मथुरा पर हिंदुओं की याचिका न करें कबूल, इससे मुस्लिमों के मन में भय पैदा होगा: SC से जमीयत-उलेमा-ए-हिंद

काशी-मथुरा पर हिंदू पक्ष की याचिका का विरोध करते हुए जमीयत-उलेमा-ए-हिंद सुप्रीम कोर्ट पहुँचा है। उसने खुद को पक्षकार बनाने की मॉंग की है।

ज्ञानवापी मस्जिद के पुरातात्विक सर्वेक्षण के बाद सामने आएगा सच?: 18 मार्च को होगी अगली सुनवाई

मस्जिद पक्ष द्वारा माँग की जाएगी कि इस मामले की सुनवाई को तत्काल रोक दी जाए। मस्जिद के पक्षकारों का दावा है कि उच्च न्यायालय के आदेश के मुताबिक़ निचली अदालत में इसकी सुनवाई नहीं हो सकती।

अयोध्या फैसले के बाद ‘ज्ञानवापी आंदोलन’ की घोषणा, ‘हर-हर महादेव’ के साथ बनारस ने किया समर्थन

"ज्ञानवापी मस्जिद पहले भगवान शिव का मंदिर था जिसे मुगल आक्रमणकारियों ने ध्वस्त कर मस्जिद बना दिया था, इसलिए हम हिंदुओं को उनके धार्मिक आस्था एवं राग भोग, पूजा-पाठ, दर्शन, परिक्रमा, इतिहास, अधिकारों को संरक्षित करने हेतु अनुमति दी जाए।"

श्रीलंका के PM ने काशी विश्वनाथ मंदिर में की पूजा-अर्चना, CAA को बताया भारत का आंतरिक मुद्दा

राजपक्षे ने कहा कि भारतीय ख़ुफ़िया एजेंसियों ने हमले को लेकर पहले ही आगाह कर दिया था लेकिन श्रीलंका सरकार हमले को रोक नहीं पाई। भारत ने आरोपितों के नाम, पता, कांटेक्ट और हमले का समय और जगह को लेकर भी पक्की जानकारियाँ दी थीं।

Video: तारीख पूछने वालो! अब काशी ज्ञानवापी मस्जिद पर कोर्ट ने दरवाजे खोल दिए हैं

लम्बे समय से स्थगन का शिकार ज्ञानवापी मस्जिद मामला कोर्ट में कानूनी लड़ाई के लिए वापस आ गया है। वामपंथियों को सूजन होने के आसार क्योंकि दूसरे पक्ष की याचिका हुई खारिज।

ज्ञानवापी मस्जिद मामले में मुस्लिम पक्ष की याचिका ख़ारिज, अयोध्या के बाद काशी का केस खुला

"ज्ञानवापी में सतयुग से ही भगवान विश्वेश्वर विराजमान हैं, एएसआई के सर्वे के बाद इस मामले में सच्चाई समाने आ जाएगी। परिसर के मालिक भी भगवान विश्वेश्वर ही हैं। एक मंडप को तोड़ कर औरंगज़ेब ने मस्जिद खड़ी कर दी थी।"

काशी विश्वनाथ मंदिर में फिलहाल कोई ड्रेस कोड नहीं लागू: प्रशासन ने किया खंडन

काशी विद्वत परिषद के रामनारायण द्विवेदी ने ऑपइंडिया को बताया कि परिषद की बैठक में ये प्रस्ताव रखा गया था कि सुबह की आरती और दर्शन के समय जो लोग शिवलिंग का स्पर्श दर्शन करना चाहते हैं या फिर स्पर्श कर के पूजन करना चाहते हैं, उनके लिए ड्रेस कोड तय किए जाएँ।

काशी विश्वनाथ मंदिर से सटे ज्ञानवापी मस्जिद पर स्टे खत्म, 9 जनवरी से सुनवाई शुरू: रिपोर्ट्स

1991 के प्लेसेज़ ऑफ़ वर्शिप एक्ट के हिसाब से भी इस स्थल का 15 अगस्त, 1947 को मूल स्वरूप हिन्दू मंदिर ही था। इस धार्मिक स्वरूप की तस्दीक करने और ऐतिहासिक परिस्थितियों के साक्ष्य इकट्ठा करने के लिए भारतीय पुरातत्‍व सर्वेक्षण विभाग (एएसआई) से सर्वेक्षण कराया जाना जरूरी है।

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