इनकी मूर्खता आप देखिए कि खुद खाने के लाले पड़े हैं और चाहते हैं कि कश्मीर ले कर उन्हें भी अपने जैसा बना देंगे। यही तो खिलाफत है कि खलीफा के शासन में सारे लोग सिर्फ इसलिए खुश रहें कि अब तो हम इस्लामी खिलाफत में हैं और शरिया कानून है यहाँ। वो रुक कर ये तक नहीं सोचते कि ऐसे शासन में उनका जीवन स्तर क्या होगा?
पीरजादा ने कहा, "मुझे आशा है कि अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को हटाने के बाद कश्मीरी जनता अगर भारतीय सत्ता के ख़िलाफ़ सड़कों पर उतरती है तो पाकिस्तानी फौज जमीन पर जाकर उनकी मदद करेगी।"
वीडियो में देखा जा सकता है कि सांसद मुशाहिद उल्ला खान और फवाद चौधरी एक-दूसरे को धमकी दे रहे हैं। स्पीकर की शांत रहने की दरख्वास्त का भी दोनों नेताओं पर कोई फर्क नहीं पड़ता है।
ईद-उल-अजहा के मौके पर पाकिस्तान ने बीएसएफ से ईद की मिठाई लेने से इनकार कर दिया है। भारतीय जवानों ने बाघा-अटारी बॉर्डर पर पाकिस्तानी रेंजर्स को ईद की मिठाई दी लेकिन उन्होंने मना कर दिया।
शोभा डे ने अपने लेख में कहा था कि बुरहान वानी को भले ही 'अल्ट्रा-पेट्रियट' आतंकी कहें या गद्दार, कश्मीर के लोगों का वो हीरो था, उसमें 'करिज़्मा' था। हिंदुस्तान के नेताओं को घेरते हुए उन्होंने लिखा था कि वे अपने घरों में आराम से बैठकर 'शांतिप्रिय' कश्मीरियों के बारे में खोखले भाषण देते हैं।
"भारत सरकार जम्मू कश्मीर की भौगोलिक परिस्थितियों को जबरदस्ती बदलना चाहती है। क्या दुनिया सिर्फ़ देखती रहेगी और समर्थन करती रहेगी, जैसा कि म्यूनिख में हिटलर के काल में हुआ था?"
गिरफ्तार किया गया मौलाना खैम रिज्वी तहरीक-लब्बैक नाम के संगठन से जुड़ा है। किले की देखरेख करने वाली अर्ध सरकारी संगठन वर्ल्ड सिटी ऑफ लाहौर अथॉरिटी ने बकरीद के बाद प्रतिमा ठीक कराने की बात कही है।
आर्टिकल 370 के प्रावधानों को निष्प्रभावी किए जाने के बाद से पाकिस्तान को कुछ सूझ ही नहीं रहा है। वह ऐसे फैसले ले रहा है, जो आत्मघाती साबित हो रहे हैं। सिर्फ सामरिक ही नहीं, आर्थिक मोर्चे पर लिए फैसले भी पाकिस्तान को नुकसान पहुँचा रहे हैं।
कश्मीर में अनुच्छेद-370 के कुछ प्रावधानों के निष्क्रिय होने के बाद से पाकिस्तानियों को ज़ाहिर तौर पर सदमा लगा है। और इसी सदमे की प्रतिक्रिया में इमरान खान सरकार ने कई कदम उठाए हैं, जिनका आखिर में नुकसान हमेशा की ही तरह उन्हें ही उठाना पड़ेगा।