Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयओए दो टके के, तू मुझे मारेगा: पाकिस्तानी संसद में बदजुबानी

ओए दो टके के, तू मुझे मारेगा: पाकिस्तानी संसद में बदजुबानी

मुशाहिद उल्लाह खान अप्रत्यक्ष रूप से फवाद की तुलना 'कुत्ते' से करते हुए कहते हैं, "ये डब्बू साहब बोले जा रहे हैं। इन्हें मैं घर छोड़कर आया था फिर यहाँ आ गए।"

पाकिस्तानी संसद का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। इस वीडियो में सांसद एक दूसरे के साथ बदजुबानी करते नजर आ रहे हैं। बताया जाता है कि यह घटना पाकिस्तानी संसद में जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल 370 के प्रावधानों को निष्प्रभावी करने पर हुई चर्चा के दौरान हुई।

वीडियो में देखा जा सकता है कि सांसद मुशाहिद उल्ला खान और फवाद चौधरी एक-दूसरे को धमकी दे रहे हैं। मुशाहिद उल्लाह खान अप्रत्यक्ष रूप से फवाद की तुलना ‘कुत्ते’ से करते दिख रहे हैं।

वह वीडियो में फवाद चौधरी के बीच में बोलने पर कहते हैं, “ये डब्बू साहब बोले जा रहे हैं। इन्हें मैं घर छोड़कर आया था फिर यहाँ आ गए।”

इसके बाद फवाद चौधरी कहते हैं, “तुम मुझे मारोगे? आओ बताता हूँ।’ ओए दो टके के शटअप।”

वीडियो में हम देख सकते हैं कि स्पीकर सांसदों के बीच हुई बदजुबानी को कार्यवाही से हटाने के लिए कह रहे हैं। साथ ही वह दोनों से शांत होने की भी दरख्वास्त कर रहे हैं, लेकिन दोनों नेताओं को इससे कोई फर्क नहीं पड़ा।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -