हनुमान चालीसा के वितरण से शहर में कानून व्यवस्था की समस्या पैदा हो सकती है, पुस्तक मेले में आने वाले लोग भावनाओं में बह सकते हैं। - ममता सरकार की पुलिस ने हनुमान चालीसा के वितरण पर रोक लगाने के पीछे यही तर्क दिया।
कोलकाता में CAA के समर्थन में बीजेपी द्वारा कैलाश विजयवर्गीय और मुकुल राय के नेतृत्व में रैली निकाली जा रही थी। लेकिन राज्य की ममता बनर्जी सरकार की पुलिस ने रैली को रुकवाया और उन्हें हिरासत में ले लिया।
हाल ही में भारत सरकार द्वारा पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित काजी मासूम अख्तर ने कहा कि मुझे अपने जीवन जीने से डर है और बंगाल में मेरी कभी भी हत्या की जा सकती है। उन्होंने सीएए के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन पर कहा कि इससे मुस्लिमों को डरने की कोई जरूरत नहीं है।
पश्चिम बंगाल अब चौथा राज्य बन गया है, जहाँ CAA के खिलाफ प्रस्ताव पास हो चुका है। इससे पहले केरल, पंजाब और राजस्थान विधानसभा में सीएए विरोधी प्रस्ताव पास किया जा चुका है।
....चोट लगने की वजह दो छात्रों की नाक से ख़ून निकल रहा था और उन्हें प्राथमिक इलाज दिया गया। इंग्लिश के एक अध्यापक गणेश सरदार ने आरोप लगाया कि भीड़ उन्हें ढूँढ रही थी, उन्हें टॉयलेट के अंदर छिपा दिया गया था। अगर ज़िला प्रशासन समय पर आकर कार्रवाई न करता तो स्थिति और बिगड़ सकती थी।
"मैं तो इस तस्वीर में उमर अब्दुल्ला को पहचान ही नहीं पा रही हूँ। मुझे काफ़ी दुख महसूस हो रहा है। मैं उदास हूँ। ये काफ़ी दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमारे लोकतांत्रिक राष्ट्र में ऐसा हो रहा है। ये सब आख़िर कब थमेगा?"
"CAA-NRC का विरोध करने वाले कलाकार लोग प्रस्तावित एनआरसी और सीएए से जुड़े तथ्यों के बारे में जानते हैं, लेकिन फिर भी विरोध कर रहे हैं। जो लोग ऐसा कर रहे हैं, वे ममता बनर्जी के 'कुत्ते' हैं।"
“50 लाख से ज्यादा मुस्लिम घुसपैठियों की पहचान की जाएगी, जरूरत हुई तो उन्हें देश से बाहर कर दिया जाएगा। उसके बाद ममता बनर्जी किसी का तुष्टीकरण नहीं कर पाएँगी। आने वाले चुनाव में उन्हें 50 सीटें भी नहीं मिलेंगी।”
"अगर, कोई कोर्ट में हमारे ख़िलाफ़ याचिका दायर कर हम पर उन प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ कोई एक्शन न लेने का आरोप लगाता है, जिन्होंने उस दिन बैरीकेड तोड़े और मुख्यमंत्री के पास पहुँच गए, तो ये एफआईआर उन आरोपों में खारिज करने में मददगार होगी।"
जहाँ एक तरफ़ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पदयात्रा कर के लगातार इस क़ानून के विरोध में रैलियाँ कर रही हैं, सीएए के समर्थकों को रोकने के लिए कई इलाक़ों कर्फ्यू लगा दिया जा रहा है। रैली में शामिल होने वाले लोगों पर मुक़दमा भी दर्ज किया जा रहा है।