इससे पहले मुंबई के भाटिया अस्पताल में तीन मरीज कोरोना वायरस से पॉजिटिव मिले थे। इसके बाद इनके संपर्क में आए डॉक्टरों और नर्सों के कोरोना वायरस से पॉजिटिव पाए जाने के बाद से प्रशासन ने सभी कर्मचारियों की जाँच शुरू की दी थी।
खुद को सामाजिक कार्यकर्ता और उद्यमी बताने वाले विनय दुबे भाजपा के खिलाफ लगातार जहर उगलता रहा है। एनसीपी और मनसे के नेताओं से उसकी करीबी दिखाई पड़ती है।
ये सवाल उठता है कि तब पुलिस और प्रशासन क्या कर रहा था, जब ये भीड़ जुटनी शुरू हुई। क्या पुलिस देखती रही और भीड़ जुटती रही? क्या महाराष्ट्र सरकार ने न्यूज़ चैनल से सम्पर्क कर के बताया कि स्पेशल ट्रेनें नहीं चलेंगी?
मजदूर घर जाने के लिए जमा हुए हैं तो इनके हाथों में थैले या बैग वगैरह क्यों नहीं हैं? भीड़ मस्जिद के पास ही क्यों जमा हुई और अल्लाह का नाम लेकर समझाने के पीछे क्या तुक है? महाराष्ट्र में 30 अप्रैल तक का लॉकडाउन पहले से ही घोषित था तो आज हंगामा क्यों हो रहा है?
लोगों ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की आलोचना की, जो तीन दलों की संयुक्त सरकार चला रहे हैं। उद्धव के बारे में जिस तरह से सोशल मीडिया के सेलेब्रिटीज ने कसीदे पढ़े हैं, उसके बाद लोग उन्हें मजाक में 'यूनेस्को सर्टिफाइड बेस्ट सीएम' कहने लगे हैं।
महाराष्ट्र के मुंबई में कस्तूरबा हॉस्पिटल स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की गई है। उनके खिलाफ यह कार्रवाई इसलिए की गई क्योंकि उन्होंने अस्पताल के अंदर PPE (Personal Protection Equipment) की कमी को उजागर किया।
महाराष्ट्र के हाउसिंग मिनिस्टर जितेंद्र आव्हाड के सुरक्षाकर्मी के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद हड़कंप मच गया। इस खबर की सूचना होते ही एनसीपी नेता ने खुद को क्वारंटाइन कर लिया। आव्हाड खुद को क्वारंटाइन करने वाले राज्य के पहले मंत्री हैं।
ट्रैफिक पुलिस, बेस्ट के बस कर्मचारियों और बीएमसी के कर्मचारियों के बीच 12,000 से भी अधिक मास्क और सैनिटाइजर बाँटे। काफ़ी सारे अस्पतालों के डॉक्टरों को भी भोजन मुहैया कराने का काम संघ ने किया है। रोगियों के लिए ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था की गई है।
राज्य सरकार द्वारा लॉकडाउन को प्रभावी रूप से लागू करने और लोगों को प्रतिबंधों का उल्लंघन करने से रोकने में असफल होने के बाद केंद्र ने शहर को नियंत्रित करने और वायरस के बढ़ते प्रसार पर लगाम लगाने के लिए सेना भेजने की योजना बनाई थी। मगर राज्य सरकार के इनकार करने के बाद इसे निरस्त कर दिया गया।
कोरोना पॉजीटिव पाए गए पुलिस अधिकारी ने एक अभियान के तहत मस्जिद में छिपे तबलीगी जमात से जुड़े 21 विदेशी नागरिकों को पकड़ा था। फिलहाल कोरोना पीड़ित अधिकारी को महाराष्ट्र के नासिक के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया है।