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‘महाराष्ट्र के गृह मंत्री माओवादियों के लिए करते हैं काम, NCP हो पूरे भारत में बैन’ – पालघर लिंचिंग पर विजय कृष्ण का आरोप

"शरद पवार और उनकी पार्टी वरवरा राव और गौतम नवलखा जैसे शहरी नक्सलियों को ‘गाँधीवादी’ मानते हैं। पालघर में इन साधुओं की लिंचिंग के पीछे भी एक साजिश है, जिसे उजागर करने की आवश्यकता है और इसका नवलखा जैसे शहरी नक्सलियों से कोई कनेक्शन है। उसे गिरफ्तार किया जाना चाहिए।"

शिवसेना नेता विजय कृष्ण ने पालघर में साधुओं की लिंचिग के मामले में लाइव डिबेट के दौरान पार्टी से इस्तीफा देने का खुलासा किया। ये वाकया हुआ अर्नब गोस्वामी के चैनल रिपब्लिक टीवी के 10 बजे वाले शो में। दरअसल शो में पालघर लिंचिंग पर डिबेट चल रहा था, जिसमें शिवसेना नेता ने भी हिस्सा लिया था। 

डिबेट के दौरान उन्होंने न सिर्फ इस शर्मनाक घटना के लिए शिवसेना को और राज्य के मुख्यमंत्री को लताड़ा, बल्कि उन्होंने तो यहाँ तक कह दिया कि शरद पवार की पार्टी एनसीपी और महाराष्ट्र में शिवसेना के सहयोगी को पूरे भारत में बैन कर देना चाहिए। इस दौरान उन्होंने आदित्य ठाकरे के अहंकार पर भी जमकर बोला। 

विजय कृष्ण ने कहा कि आदित्य ठाकरे ने ट्विटर पर लिखा था कि उनका विचार कोई मायने नहीं रखता है और न ही शिवसेना के विचारों को दर्शाता है। इसलिए उन्होंने एक सप्ताह पहले ही शिवसेना से इस्तीफा दे दिया था।

विजय कृष्ण ने कहा कि आदित्य ठाकरे को लगता है कि शिवसेना उनकी निजी संपत्ति है। इसके साथ ही उन्होंने टीवी पर यह भी घोषणा की कि अब वह इस ‘महा विकृत अघाड़ी’ के खिलाफ हैं। बता दें कि विजय कृष्ण ने ‘महा विकास अघाड़ी’ का नाम बदलकर ‘महा विकृत अघाड़ी’ कर दिया और इस बात पर जोर दिया कि महाराष्ट्र में कॉन्ग्रेस और एनसीपी के साथ शिवसेना का गठबंधन ‘विकास’ के लिए नहीं बल्कि ‘विकृति’ के लिए हुआ है।

विजय कृष्णा ने चौंकाने वाले खुलासे भी किए। उन्होंने कहा कि शरद पवार ने वरवारा राव आदि जैसे शहरी नक्सलियों के खिलाफ एल्गार परिषद के मामलों को रोकने के लिए उद्धव ठाकरे से संपर्क किया। इसका खुलासा करते हुए उन्होंने कहा कि वह गिरफ्तार होने से डरते नहीं हैं। साथ ही उन्होंने महाराष्ट्र के गृह मंत्री के इस्तीफे की भी माँग की। उनका कहना था कि वह माओवादियों के लिए काम करते हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि शरद पवार और उनकी पार्टी वरवरा राव और गौतम नवलखा जैसे शहरी नक्सलियों को ‘गाँधीवादी’ मानते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पालघर में इन साधुओं की लिंचिंग के पीछे भी एक साजिश है, जिसे उजागर करने की आवश्यकता है और इसका नवलखा जैसे शहरी नक्सलियों से कोई कनेक्शन है। उसे गिरफ्तार किया जाना चाहिए।

फिर उन्होंने महाराष्ट्र सरकार को खुली चुनौती दी। उन्होंने कहा कि सरकार हिंदुओं को कलंकित कर रही है और वह अपने द्वारा दिए गए बयानों को लेकर गिरफ्तार होने के लिए भी तैयार हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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