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मीडिया गिरोह

कीचड़ मलती ‘गोरी’ पत्रकार या श्मशानों से लाइव रिपोर्टिंग… समाज/मदद के नाम पर शुद्ध धंधा है पत्रकारिता

श्मशानों से लाइव रिपोर्टिंग और जलती चिताओं की तस्वीरें छापकर यह बताने की कोशिश की जाती है कि स्थिति काफी खराब है और सरकार नाकाम है।

जिस भास्कर में स्टाफ मर्जी से ‘सूसू-पॉटी’ नहीं कर सकते, वहाँ ‘पाठकों की मर्जी’ कॉर्पोरेट शब्दों की चाशनी है बस

"भास्कर में चलेगी पाठकों की मर्जी" - इस वाक्य में ईमानदारी नहीं है। पाठक निरीह है, शब्दों का अफीम देकर उसे मानसिक तौर पर निर्जीव मत बनाइए।

‘1992 में 100 करोड़ भी नहीं, 2021 आते-आते हजारों करोड़ कैसे? किसी से छिपा नहीं है’: दैनिक भास्कर के पूर्व पत्रकार

"कोई मीडिया हाउस, जो 1992 में 100 करोड़ का भी नहीं था, वह 2021आते-आते हजारों करोड़ का कैसे हो गया, यह किसी से छिपा नहीं है।"

वाह रे दैनिक भास्कर! तुम्हारा काम ‘पत्रकारिता’, इनकम टैक्स का काम ‘बदला’

टैक्स चोरी के आरोपों में कार्रवाई का सामना कर रहा दैनिक भास्कर इस तरह का माहौल बनाने की कोशिश कर रहा जैसे उसे कथित निर्भीक पत्रकारिता का 'दंड' दिया जा रहा है।

जिस लिस्ट पर हुआ अब तक हल्ला, उसका पेगासस से कोई लेना-देना नहीं: NSO ग्रुप ने द वायर को दी मानहानि की धमकी

NSO ग्रुप के प्रवक्ता ने कहा कि रिपोर्ट्स में निकाली जा रही लिस्ट न NSO की है और न कभी थी। ये केवल मनगढ़ंत जानकारी है।

पेगासस के विरोध में सैकड़ों कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं ने किया नंग-धड़ंग प्रदर्शन, उड़ाई COVID मानदंडों की धज्जियाँ: देखें वीडियो

कथित फोन टैपिंग मामले को लेकर सोमवार को 'युवा नेता' श्रीनिवास बीवी के नेतृत्व में सैकड़ों कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया।

‘मॉनसून सत्र के 1 दिन पहले सनसनीखेज खबर, संयोग नहीं’: संसद में ‘Pegasus’ पर विपक्ष को मोदी के नए IT मंत्री ने धोया

'Pegasus' जासूसी विवाद पर केंद्रीय IT मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि संसद के मॉनसून सत्र के ठीक एक दिन पहले इस तरह की खबर का आना संयोग नहीं हो सकता।

‘घटिया रिसर्च, तथ्यों से परे’: संसद के मॉनसून सत्र से पहले मीडिया गिरोह का ‘Pegasus’ प्रलाप, सरकार ने बताया दुर्भावनापूर्ण

मीडिया गिरोह ने इसे 'इनवेस्टिगेटिव आर्टिकल' के रूप में पेश करते हुए दावा किया कि भारत में भी कुछ जजों, पत्रकारों और विपक्षी नेताओं के फोन्स की जासूसी हो रही थी।

भारत में कोरोना, पश्चिमी मीडिया की पक्षपाती कवरेज: IIMC का सर्वे- अंतरराष्ट्रीय, आंतरिक राजनीति जिम्मेदार

IIMC के एक सर्वेक्षण में 82% भारतीय मीडियाकर्मियों ने माना कि पश्चिमी मीडिया द्वारा भारत में कोविड-19 की कवरेज पक्षपातपूर्ण रही है।

चिताओं की फोटो पर लिबरल थे निहाल, ‘आखिरी’ फोटो पर जले-भुने: तालिबान ने दानिश को मारा, अब मौत पर पाखंड

तालिबानियों के हाथों मारे गए दानिश सिद्दकी रॉयटर्स के पत्रकार थे। उन्होंने कोविड समय में मृतकों के दाह संस्कार की तस्वीरें खींच कर बेची थीं।

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