एक बात साफ है कि 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले हुए विधानसभा चुनाव में भी बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा था। लेकिन इसके बाद आम चुनाव में जिस तरह मोदी लहर चली, उससे हर कोई वाकिफ है।
बीजद ने नब किशोर दास के निधन के बाद उनकी बेटी दीपाली दास पर भरोसा जताते हुए प्रत्याशी बनाया था। पार्टी के विश्वास पर खरा उतरते हुए दीपाली ने जीत के मामले में अपने पिता को भी पीछे छोड़ दिया।
परमबीर सिंह पर जबरन वसूली और भ्रष्टाचार समेत कई आरोप लगे थे। उनके साथ 6 पुलिस अधिकारियों एवं अन्य के खिलाफ जुलाई 2021 में रंगदारी का मुकदमा भी दर्ज हुआ था।