Friday, July 19, 2024
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समाजवादी पार्टी को बड़ा झटका, कद्दावर नेता दारा सिंह चौहान ने छोड़ी पार्टी: MLA पद से भी दिया इस्तीफा, मऊ-गाजीपुर-बलिया समेत कई जिलों में प्रभाव

मऊ, गाजीपुर, आजमगढ़, देवरिया और बलिया समेत कई जिलों में उनका अच्छा प्रभाव है। दारा सिंह की सियासी पकड़ और आगामी लोकसभा चुनाव को देखते हुए उनके इस्तीफे को अखिलेश यादव के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

साल 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले विपक्ष एकजुट होने की पुरजोर कोशिश कर रहा है। लेकिन उनके नेताओं का पार्टी छोड़कर जाने का सिलसिला लगातार जारी है। अब समाजवादी पार्टी विधायक और कद्दावर नेता दारा सिंह चौहान ने पार्टी को बड़ा झटका देते हुए इस्तीफा दे दिया। उनके बीजेपी में शामिल होने के कयास लगाए जा रहे हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले वह बीजेपी छोड़ सपा में शामिल हुए थे।

दारा सिंह चौहान उत्तर प्रदेश के मऊ जिले की घोसी विधानसभा क्षेत्र से विधायक थे। शनिवार (15 जुलाई, 2023) को उन्होंने अपना इस्तीफा विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना को भेजा था, जिसे स्वीकार कर लिया गया। दारा सिंह चौहान ओबीसी वर्ग का बड़ा चेहरा हैं। इसके अलावा अपने समाज के जातिगत समीकरणों में भी उनकी मजबूत पकड़ है। 

यही नहीं मऊ, गाजीपुर, आजमगढ़, देवरिया और बलिया समेत कई जिलों में उनका अच्छा प्रभाव है। दारा सिंह की सियासी पकड़ और आगामी लोकसभा चुनाव को देखते हुए उनके इस्तीफे को अखिलेश यादव के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

दारा सिंह ने अपने सियासी सफर की शुरुआत बसपा से की थी। साल 1996 से लेकर 2000 तक वह राज्यसभा सांसद भी रह चुके हैं। यही नहीं बसपा के टिकट पर ही पर ही उन्होंने साल 2009 में घोसी से लोकसभा चुनाव लड़ते हुए जीत दर्ज की थी। इसके बाद वह साल 2015 में भाजपा में शामिल हो गए। 

बीजेपी की टिकट से 2017 में विधानसभा चुनाव जीतने के बाद योगी सरकार में उन्हें वन एवं पर्यावरण मंत्री बनाया गया था। हालाँकि, 2022 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले उन्होंने पलटी मारते हुए सपा का दामन थाम लिया था। इसके बाद सपा की टिकट पर घोसी विधानसभा से विधायक बने थे। अब एक बार फिर उन्होंने पार्टी छोड़ी है। ऐसे में उनके भाजपा में वापसी के कयास लगाए जा रहे हैं। साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि वह बीजेपी की टिकट पर घोसी विधानसभा या फिर गाजीपुर लोकसभा सीट से चुनावी मैदान में उतर सकते हैं।

बता दें कि गाजीपुर से बसपा सांसद रहे अफजाल अंसारी को एमपी-एमएलए कोर्ट ने गैंगस्टर एक्ट के तहत 4 साल की सजा सुनाई थी। नियमानुसार 2 साल या उससे अधिक सजा होने पर सांसदी या विधायकी चली जाती है। ऐसे में गाजीपुर सीट बीते 3 महीने से खाली पड़ी है। इस सीट से होने वाले उपचुनाव या फिर आम चुनाव में दारा सिंह चौहान के उतरने की चर्चाएँ जोरों पर हैं। हालाँकि, दारा सिंह के इस्तीफे के बाद घोसी विधानसभा सीट भी खाली हो गई है। ऐसे में वह अपनी पूर्व सीट से भी चुनाव लड़ सकते हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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