22 जनवरी 2024 को अयोध्या के भव्य राम मंदिर में भगवान रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा होनी है। उससे पहले आम लोगों को 'अक्षत निमंत्रण' भेजने का सिलसिला शुरू हो गया है।
कॉन्ग्रेसी मंत्री ने कहा कि चुनावों में मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए राम मंदिर का निर्माण किया गया है। ये पुलवामा हमले की तरह एक महज एक राजनीतिक स्टंट है।