सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या के फैसले को देखते हुए गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को एडवाइजरी भेजी है। सभी राज्यों को फैसले को लेकर अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही अतिरिक्त सुरक्षा के लिए गृह मंत्रालय ने अर्धसैनिक बलों की 40 कंपनियाँ भेजी हैं। इन 40 कंपनियों में...
"मुझे लगता है कि अदालत का फैसला हिन्दुओं के पक्ष में आएगा। यह सिर्फ हिन्दू या हिंदुस्तान का नहीं, बल्कि आस्था का मुद्दा है। सुप्रीम कोर्ट भी इस पर विचार करेगा, क्योंकि भगवान राम सिर्फ हिन्दुओं के नहीं बल्कि पूरे संसार के भगवान हैं।"
राम मंदिर के पक्ष में फैसला आने की उम्मीद और आतंकवादी हमले की आशंका के बीच परिक्रमा बुधवार सुबह पूरी हुई। अब प्रशासन गुरुवार को होने वाली पंचकोसी परिक्रमा की तैयारी में जुटा है। अनुमान है कि 20 लाख श्रद्धालु इसमें हिस्सा लेंगे।
नेपाल के रास्ते 7 आतंकवादी उत्तर प्रदेश में घुस चुके हैं। ये सभी पाकिस्तानी आतंकवादी हैं, जिन्हें अयोध्या में आतंक फैलाने के लिए भेजा गया है। सम्भावना है कि ये अयोध्या, फ़ैजाबाद और गोरखपुर में छिपे हो सकते हैं। सात में से पाँच आतंकियों की पहचान भी हो गई है।
कॉन्ग्रेस कहती है कि वह धार्मिक भावनाओं को तवज्जो नहीं देती। फिर क्या कारण था कि अचानक राजीव गॉंधी हिंदू जनभावना के रथ पर सवार होने को बेचैन हो उठे? इसके लिए वे देवरहा बाबा के पास हाजिरी देने से भी पीछे नहीं हटे।
वेदांती ने कहा, "राम मंदिर के निर्माण में देरी के लिए कॉन्ग्रेस और पाकिस्तान जिम्मेदार हैं। वे नहीं चाहते थे कि सुप्रीम कोर्ट में यह मसला सुलझे।" साथ ही कॉन्ग्रेस पर विभाजनकारी राजनीति का भी आरोप लगाया।
अयोध्या को अंतर्राष्ट्रीय धार्मिक पर्यटन स्थल के तौर पर विकसित किया जाएगा। भगवान राम की विशाल प्रतिमा के इर्द-गिर्द डिजिटल लाइब्रेरी, सांस्कृतिक केन्द्र और फूड प्लाजा वगैरह भी पर्यटकों के लिए बनाए जाएँगे।
बैठक में कहा गया कि फैसले के बाद देश का सद्भाव नहीं बिगड़ना चाहिए। इसके साथ ही कोई ऐसी बात न हो जिससे किसी भी समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुॅंचे। संघ के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, ऐसे मौके पर किसी भी तरह के आक्रामक तेवर के लिए कोई जगह नहीं है।
30 अक्टूबर 1990 बताता है कि तुष्टिकरण के नाम पर कथित सेक्युलर जमात के नेताओं ने क्या-क्या कारनामे किए हैं। प्रायश्चित की बजाय कैसे अपने कृत्यों को जायज ठहराया है।
रंजन गोगोई 17 नवंबर को सेवानिवृत्त होने वाले हैं। लेकिन शनिवार-रविवार और छुट्टियों को हटा दें तो उनके पास आधिकारिक कार्य करने के लिए सिर्फ 8 दिन ही बचे हैं। इन 8 दिनों में सुप्रीम कोर्ट में चल रहे 7 ऐसे बड़े मामलों के फैसले आने हैं, जो धर्म, रक्षा और राजनीति जैसे विषयों से संबंधित हैं।