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राम मंदिर फैसला: CJI ने यूपी के मुख्य सचिव और DGP को बुलाया, लेंगे राज्य की कानून व्यवस्था का जायजा

मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को तलब किया है। वो अपने चैंबर में इनके साथ मीटिंग करेंगे और कानून व्यवस्था का जायजा लेंगे।

अगले हफ्ते राम जन्मभूमि अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने वाला है। इसको लेकर प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है। पंच कोसी परिक्रमा को लेकर अलग व्यवस्था की गई है। साथ ही ड्रोन से अयोध्या शहर की निगरानी की जा रही है। इस बीच खबर यह है कि भारत के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को तलब किया है, जहाँ वो शुक्रवार (नवंबर 8, 2019) को दोनों के साथ राज्य की कानून व्यवस्था का जायजा लेंगे।

इस बैठक के पीछे का उद्देश्य अयोध्या भूमि विवाद मामले पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने से पहले राज्य में कानून व्यवस्था का आकलन करना है। सीजेआई ने यूपी के मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी और डीजीपी ओम प्रकाश सिंह को बुलाया है। वो अपने चैंबर में इनके साथ मीटिंग करेंगे और कानून व्यवस्था का जायजा लेंगे।

उल्लेखनीय है कि राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद पर 40 दिनों की रोजना सुनवाई के बाद फैसला 16 अक्टूबर को सुरक्षित रखा गया था। बता दें कि न्यायमूर्ति गोगोई का कार्यकाल 17 नवंबर को समाप्त होने वाला है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि उनके सेवानिवृत्त होने से पहले इस पर फैसला सुना दिया जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या के फैसले को देखते हुए गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को एडवाइजरी भेजी है। सभी राज्यों को फैसले को लेकर अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही अतिरिक्त सुरक्षा के लिए गृह मंत्रालय ने अर्धसैनिक बलों की 40 कंपनियाँ भेजी हैं। इन 40 कंपनियों में 4000 पैरा मिलिट्री फोर्स के जवान शामिल हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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