खुद को 'अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सबसे बड़ा रक्षक' बताने वाला लेफ्ट-लिबरल जमात सीजेपी प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों के साथ भीड़ की बदसलूकी को जायज ठहरा रहा है।
बांग्लादेश ने भारतीय अधिकारियों के साथ सहयोग करने में अनिच्छा दिखाई है। ऐसे में भारतीय अधिकारियों के पास क्या विकल्प बचते हैं? घुसपैठियों के मामले वर्षों से लंबित हैं।
कॉकरोच जनता पार्टी, जेपी-अन्ना हजारे आंदोलन और भारतीय लोकतंत्र के संदर्भ में समझिए कि केवल असंतोष ही पर्याप्त क्यों नहीं होता। भारतीय मतदाता क्या देखते हैं?
सोशल मीडिया पर वामपंथी और इस्लामी कट्टरपंथी जहाँ मुस्लिम पक्ष का नैरेटिव फैलाने में जी-तोड़ मेहनत कर रहे हैं वहीं बीबीसी ने प्रयास किया कि मामले से मजहबी एंगल बिलकुल दूर ही रखें।