लंदन के रॉयल कोर्ट ऑफ जस्टिस के न्यायाधीश स्टीफन इरविन और न्यायाधीश एलिजाबेथ लांग की दो सदस्यीय पीठ ने अपने फैसले में माल्या की अपील खारिज कर दी। अदालत ने माना कि माल्या के खिलाफ भारत में कई बड़े और गंभीर आरोप लगे हैं।
चावला और क्रोनिए के बीच बातचीत को इंटरसेप्ट करने के बाद दिल्ली पुलिस ने मार्च 2000 में प्राथमिकी दर्ज की थी। बातचीत के दौरान चावला ने भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान और कॉन्ग्रेस के सांसद रहे मोहम्मद अजहरुद्दीन का नाम भी लिया था।
माल्या ने भारतीय बैंकों से 9,000 करोड़ रुपए का लोन लिया था और उसे चुका नहीं पाने के कारण 2 मार्च, 2016 को देश छोड़ दिया था। भारत ने 2017 में प्रत्यर्पण की मांग की थी और फिलहाल वह जमानत पर बाहर है।
रविवार की रात को जब माल्या अपनी गर्लफ्रेंड (किंगफिशर की पूर्व एयर होस्टेस) पिंकी लालवानी और माँ ललिता के साथ स्टेडियम से बाहर निकला, तो क़रीब 100 भारतीय क्रिकेट प्रेमियों ने उन्हें घेरते हुए ‘चोर है, चोर है’ का जमकर नारा लगाया।
माल्या ने खुद को बचाने के लिए कई बार ऋण की मूल राशि का 100 प्रतिशत लौटाने की पेशकश की है। पर याचिका खारिज किए जाने के बाद माना जा रहा है कि उनका प्रत्यर्पण जल्दी ही हो सकता है।
सीपीएस ने पिछली सुनवाई में नीरव मोदी की पहली जमानत अर्जी का विरोध किया था। सीपीएस ने दलील दी थी कि नीरव के पास एक से अधिक पासपोर्ट दर्शाते हैं कि वह लगातार भारत से भागने की फिराक में है। यहाँ तक कि वह भारतीय कोर्ट के कई समन जारी होने के बाद भी पेश नहीं हुआ।
ईडी की मानें तो विजय माल्या के ख़िलाफ़ चल रही मनी लॉन्ड्रिंग जाँच के चलते एजेंसियों ने उनके शेयरों को जब्त किया था। जोकि यस बैंक के पास पड़े थे। साथ ही कर्नाटक उच्च न्यायालय ने हाल ही में बैंक को कर्ज वसूली के लिए डेट रिकवरी ट्रिब्यूल को देने का आदेश दिया था।