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सनातन परंपरा

लंदन से भारत वापस आएगी 8वीं सदी की माँ योगिनी की प्रतिमा, सालों पहले यूपी के इस गाँव से हो गई थी चोरी

1979 में यूपी के लोखरी गाँव के एक मंदिर से चुराई गई बकरी के सिर वाली योगिनी देवी की मूर्ति को अब लंदन से वापस भारत लाया जाएगा।

कुंभ की तर्ज पर विकसित होगा अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव: श्रीकृष्ण के विराट स्वरूप की 40 फीट ऊँची प्रतिमा तैयार, सर्किट में 30 नए तीर्थ...

हरियाणा में आज से शुरू हुआ अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव। ज्योतिसर में भगवान श्रीकृष्ण के विराट रूप की 40 फीट ऊँची प्रतिमा का निर्माण।

‘1976 के प्लेन क्रैश में पत्नी के करवा चौथ के कारण बची थी जान’: ऐक्टर जितेंद्र ने घटना को किया याद, 176 यात्रियों की...

जितेंद्र ने बताया कि एक शूटिंग के लिए उन्हें चेन्नई जाना था, लेकिन पत्नी शोभा के करवा चौथ व्रत के कारण प्लेन क्रैश में उनकी जान बची थी।

तिहार त्योहार: नेपाल के हिंदू करते हैं कुत्ते और कौवे की पूजा, एक भगवान काल भैरव की सवारी, दूसरा यम का दूत, जानिए क्या...

तिहार त्योहार के दिन नेपाल के लोग कुत्ते और कौवे की पूजा करते हैं। दोनों ही प्राणियों का हिंदू धर्म में विशेष स्थान है।

PM मोदी की पहल पर कनाडा से आई माँ अन्नपूर्णा की मूर्ति, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर में होगी स्थापित, 100 साल पहले हुई थी चोरी

माँ अन्नपूर्णा की मूर्ति को करीब 100 साल पहले स्मगल किया गया था। पिछले साल पीएम नरेंद्र मोदी ने इसको देश वापस लाने की घोषणा की थी।

‘इस्लाम में बुतपरस्ती गुनाह तो गरबा में क्यों आते हैं?’: रतलाम में VHP ने गरबा पांडालों में ‘गैर-हिंदू का प्रवेश वर्जित’ के पोस्टर लगाए

विश्व हिंदू परिषद के नेता चंदन शर्मा ने कहा इस्लाम में बुत परस्ती को हराम बताया जाता है तो उसे मानने वाले लोग गरबा पांडालों में न आएँ।

‘मूर्ति पूजन नैतिक तौर पर गलत’: दुर्गा पूजा की अनुमति न देकर पछता रहा ईसाई देश, अब माँगी माफी

पापुआ न्यू गिनी में दुर्गा पूजा की अनुमति देने से इनकार करने वाले कोविड कंट्रोलर ने माफी माँगी। कहा यह दुर्भाग्यपूर्ण गलती है।

परित्राणाय साधूनां विनाशाय च दुष्कृताम्… का ही पर्याय रहा है श्रीकृष्ण का संपूर्ण जीवन

श्रीकृष्ण ने केवल शब्दों से ही नहीं, अपितु अपने चरित्र और आचरण से क्लीवता एवं कायरता के स्थान पर पौरुष और पराक्रम का संदेश दिया।

हनन कर शत्रु का सदधर्म है यह: रूढ़ियों को तोड़ती है श्रीकृष्ण की धर्मनीति, लोकमंगल ही है धुरी

श्रीकृष्ण ने अपने युग में धर्म के नाम पर पल्लवित रूढ़ियों से संरक्षित शोषक-शक्तियों का विनाश कर मानवीय-गौरव को प्रतिष्ठित किया।

श्रीकृष्ण: अतीत नहीं, भविष्य… जीवन को उसकी सम्पूर्णता में जीने वाला धर्म जिसकी सम्पूर्ण मानवता को जरूरत

कृष्ण का सम्पूर्ण जीवनवृत्त एक खेल है, बिना किसी परिणाम की चिंता किए अपनी पूर्णता में, पूरी तल्लीनता से किया गया एक कर्म।

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