यात्रा के दौरान जब श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए आगे बढ़े तो उसी दौरान पहाड़ियों में भूस्खलन हो गया और पत्थर के बड़े-बड़े टुकड़े मार्ग की तरफ तेजी से आने लगे। इस पर ITBP के जवान पत्थर के भारी-भरकम टुकड़ों के सामने चट्टान की तरह खड़े हो गए और बिना अपनी जान की परवाह किए पत्थरों को यात्रियों तक पहुँचने से रोकते रहे।
'जॉइन इंडियन आर्मी' फेसबुक पेज लाइक करने वालों में से ही हनी-ट्रैप होने वाले शिकारों का चयन हो रहा है। सिविलियन्स के भी निशाना बनने से इंकार नहीं किया जा सकता।
इंटेलिजेंस को संदेह है कि 'ओए सौम्या' नाम का अकॉउंट दुश्मनों के जासूस का है जो सेना अधिकारियों एवं स्पेशल फोर्स के जवानों को निशाना बनाने की कोशिश में है।
डोडा से मजदूरों को हिमाचल प्रदेश ले जाने वाला मुश्ताक पेशे से ठेकेदार है। शिमला में उसका संपर्क नदीम से हुआ था और उसने उसे हिजबुल के लिए काम करने के लिए तैयार किया। इतना ही नहीं, मुश्ताक कई अन्य युवकों को भी हिजबुल के लिए काम करने के लिए तैयार कर रहा था।
जब मामला बढ़ने लगा तो परम विशिष्ट सेवा मेडल से नवाजे जा चुके जनरल साहब रक्षात्मक मुद्रा में आ गए। उन्होंने वह ट्वीट डिलीट कर दिया। साथ ही सफाई देनी शुरू कर दी कि उनका वह मतलब नहीं था जो समझा और प्रसारित किया जा रहा है।
मेजर जनरल बख्शी पाकिस्तान और आतंकवादियों के प्रति अपने कठोर रुख के लिए सम्मानित हैं, और इसीलिए ‘लिबरल’ धड़े में उन्हें नापसंद भी किया जाता है। लेकिन उनके यात्रा करने मात्र से विस्तारा में आगे से हवाई यात्रा न करने की धमकी देना तो पागलपन है भाई!
कर्नाटक सीएम एचडी कुमारस्वामी ने सेना के ऊपर विवादित बयान देते हुए कहा है कि बॉर्डर पर खड़े रह कर देश की रक्षा करने वाले जवान अमीर घरानों से नहीं आते हैं। वे उन गरीब परिवारों से आते हैं, जिनके लिए दो वक्त की रोटी जुटाना मुश्किल होता है।