भक्त संत कनक हरिदास की इस मूर्ति का 22 मई 2024 को अनावरण किया जाना था, लेकिन मुस्लिमों के विरोध की वजह से न सिर्फ मूर्ति को हटाना पड़ा, बल्कि इस कार्यक्रम को ही रद्द करना पड़ा।
जाकिर नाइक का कहना है कि एक मुस्लिम द्वारा खोली गई आतंक की फैक्ट्री में काम करना फिर स्वीकार्य है लेकिन मंदिर या चर्च बनाने का कार्य करना, स्वीकार्य नहीं है।