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दुबई-पाकिस्तान के नंबरों से धमकी, नाराज़ था रोहित गोदारा भी: करणी सेना अध्यक्ष की हत्या के लिए शादी के कार्ड को बनाया हथियार, दारू पीकर सुखदेव सिंह गोगामेड़ी के घर आए थे हत्यारे

सुखदेव सिंह गोगामेड़ी प्रॉपर्टी डीलिंग के काम में भी लगे थे। आनंदपाल सिंह के बाद राजू ठेहट भी उनका दोस्त बना। उसे भी घर में घुस कर गोली मारी गई थी।

राजस्थान की राजधानी जयपुर में ‘श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना’ के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या के पीछे लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का नाम सामने आया। पंजाब के बठिंडा स्थित सेन्ट्रल जेल में बंद संपत नेहरा ने इस हत्याकांड की पूरी साजिश रची। ये पूरी कहानी 6 साल पहले जाती है, जब 2017 में गैंगस्टर आनंदपाल सिंह का एनकाउंटर हुआ था। उनके शव के साथ दोस्त सुखदेव सिंह गोगामेड़ी ने प्रदर्शन किया था और पूरे राज्य में आंदोलन खड़ा कर दिया था, जिसके बाद हुए चुनावों में वसुंधरा राजे की सरकार चली गई।

संपत नेहरा को रूपनगर (रोपड़) की पुलिस लेकर गई है। उसे प्रोडक्शन वॉरंट पर ले जाया गया है। हालाँकि, ये साफ़ नहीं है कि उन्हें किस मामले में ले जाया गया है। 10 महीने पहले पंजाब पुलिस ने राजस्थान पुलिस को सूचना भेज कर आगाह किया था कि सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या की साजिश रची जा रही है। जेल में बंद कई अन्य गैंगस्टरों पर अब कड़ी नज़र रखी जा रही है, उनकी सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है। संपत नेहरा के दोस्त रोहित गोदारा ने फेसबुक के माध्यम से इस हत्याकांड की जिम्मेदारी ली है।

मई 2022 में सिद्धू मूसेवाला की हत्या हुई, उसी साल दिसंबर में राजू ठेहट की हत्या हुई, फरवरी 2023 में मंदीप तूफ़ान और मनमोहन मोहना की, मई 2023 में टिल्लू तजपुरिया की, सितंबर 2023 में सुक्खा दुनुके की, अक्टूबर 2023 में दीपक मान की और अब 5 दिसंबर, 2023 को सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की। इन सभी हत्याओं में कातिलों ने खुल कर जिम्मेदारी ली। इन सबके पीछे लॉरेंस बिश्नोई के गुर्गों ने जिम्मेदारी ली। 2017 में सुखदेव सिंह गोगामेड़ी ने ‘करणी सेना’ को तोड़ कर ‘श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना’ बनाई थी और इसके अध्यक्ष बने।

सुखदेव सिंह गोगामेड़ी प्रॉपर्टी डीलिंग के काम में भी लगे थे। आनंदपाल सिंह के बाद राजू ठेहट भी उनका दोस्त बना। उसे भी घर में घुस कर गोली मारी गई थी। करीब डेढ़ साल पहले रोहित गोदारा ने सुखदेव सिंह गोगामेड़ी को पहली बार दुबई और पाकिस्तान के नंबरों से कॉल कर के धमकी दी थी। उसे लगता था कि सुखदेव सिंह गोगामेड़ी सिर्फ राजपूतों की मदद करते हैं, जाटों की नहीं। राजस्थान पुलिस ने सुरक्षा नहीं दी दी तो उन्होंने खुद ही कुछ गनर रख लिया था। इनमें से अधिकतर छुट्टी पर थे और चुनाव के कारण उनके हथियार जमा कर लिए गए थे, ऐसे में उस समय 1 ही गनर मौजूद था।

लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने उनके परिचित नवीन शेखावत को उन तक पहुँचने का जरिया बनाया। नवीन शेखावत के कजिन की शादी थी, जिसका कार्ड देने उन्हें सुखदेव सिंह गोगामेड़ी के पास जाना था। ये बात रोहित गोदारा और संपत सिंह को पता थी। तभी से जाल बिछाना शुरू कर दिया गया। नवीन शेखावत की कपड़ों की दुकान थी। नागौर के रोहित राठौड़ और हरियाणा के महेंद्रगढ़ के नितिन फौजी जिसका ससुराल अलवर में ही, दोनों ने नवीन शेखावत को भरोसे में लेकर उनसे दोस्ती थी।

5 साल पहले भारतीय सेना में शामिल हुआ नितिन फौजी इसीलिए छुट्टी लेकर भी आया था। सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या करने से पहले इन्होंने 5000 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से स्कॉर्पियो किराए पर ली थी और इन्होंने वहाँ जाने से पहले शराब पी। कई CCTV कैमरे होने के बावजूद शूटरों को इसका कोई खौफ नहीं था। वीडियो में देखा जा सकता है कि शादी का कार्ड दिए जाने के बाद इधर-उधर की बात हुई और फिर जब सुखदेव सिंह गोगामेड़ी अपने फोन में व्यस्त हुए उन पर गोलीबारी शुरू कर दी गई।

लॉरेंस बिश्नोई 4 साल पहले भी सुखदेव सिंह गोगामेड़ी को हत्या की धमकी दे चुका था। उन्होंने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मिल कर सुरक्षा की माँग की थी। उनके दोस्त का दावा है कि पहले भी उन पर हमले हो चुके थे। सूरजपाल अम्मू ने कहा कि देश की समझदार जनता वोट के जरिए कॉन्ग्रेस को जवाब दे रही है, क्योंकि उसने अपराधियों को संरक्षण दिया। उन्होंने कहा कि गोगामेड़ी के निवेदन और पंजाब पुलिस से ख़ुफ़िया इनपुट के बावजूद अशोक गहलोत सरकार ने कुछ नहीं किया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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