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अयोध्या दीपोत्सव: फिजी की मंत्री ने गाया- मंगल भवन अमंगल हारी, कहा- वहाँ के हर नागरिक का भारत आने का सपना

“फिजी एक छोटा सा द्वीप है, लेकिन हमने भारतीय संस्कृति और भाषा को संरक्षित रखा है। हम दिवाली, दशहरा और अन्य भारतीय त्योहार मनाते हैं।”

राम की नगरी अयोध्या में शनिवार (अक्टूबर 26, 2019) को उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से आयोजित दीपोत्सव में मुख्य अतिथि बनकर आई फिजी की मिनिस्टर वीणा कुमार भटनागर ने कार्यक्रम के संबोधन के दौरान रामचरित मानस की चौपाई ‘मंगल भवन अमंगल हारी’ गाया। वीणा ने जब सुरीली आवाज में चौपाई गायन शुरु किया तो उनके साथ कार्यक्रम में उपस्थिति भक्तजनों ने भी सुर में सुर मिलाते हुए चौपाई का गायन किया।

इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। बता दें कि अयोध्या में आयोजित हुए इस बार के दीपोत्सव को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज हो गया। दीपोत्सव में इस बार 5 लाख 51 हजार दीप जलाकर विश्व रिकार्ड बनाया गया। राम की पैड़ी के घाटों पर 4 लाख 10 हजार और अन्य 11 चुनिंदा स्थलों पर 1 लाख 51 हजार दीप जलाए गए।

फिजी की मंत्री और डिप्टी स्पीकर वीणा भटनागर सभा को संबोधित करते हुए ने कहा कि उन्हें भगवान राम के शहर में आने का अवसर मिला। इसके लिए वह खुद को भाग्यशाली मानती हैं। उन्होंने कहा कि वो बचपन से अयोध्या के बारे में सुनती आ रही हैं आज वो अयोध्या में हैं। भटनागर ने कहा कि वो यहाँ आकर धन्य हो गई। भटनागर ने यह विश्वास भी दिलाया कि अयोध्या में एक दिन भगवान राम के शासन में प्रचलित शासन की पौराणिक अवधारणा रामराज्य स्थापित होगी।

वहीं अपने भारत कनेक्शन के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि वो भले ही फिजी में रह रही हैं, लेकिन वो यहाँ भी हैं। उन्होंने कहा कि उनके पूर्वज भारत से फिजी चले गए, लेकिन वहाँ भी उनलोगों ने भारतीय मूल्यों, परंपराओं और संस्कृति को सहेज कर रखा है। वहाँ भी वो लोग भारतीय संस्कृति के साथ ही रहते हैं। उन्होंने कहा, “फिजी एक छोटा सा द्वीप है, लेकिन हमने भारतीय संस्कृति और भाषा को संरक्षित रखा है। हम दिवाली, दशहरा और अन्य भारतीय त्योहार मनाते हैं।”

वीणा भटनागर ने 1879 में फिजी में भारतीय प्रवास को याद करते हुए कहा कि वे उन्हें बाहरी न समझें। उन्होंने कहा, “मैं आप में से एक हूँ। मेरे पूर्वज यहीं के यूपी और बिहार से थे। भारतीय संस्कृति इतनी समृद्ध है कि हमने इसे सहेज कर रखा है। फिजी का हर नागरिक मरने से पहले कम से कम एक बार भारत आने का सपना देखता है।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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