Homeदेश-समाजदिवाली के दिन पटाखे फोड़ने पर अमरेश की मॉब लिंचिंग, ओडिशा से 20 आरोपित...

दिवाली के दिन पटाखे फोड़ने पर अमरेश की मॉब लिंचिंग, ओडिशा से 20 आरोपित फरार

अमरेश अपने दोस्तों के साथ पटाखे जला रहे थे, तभी कुछ अज्ञात लोग पहुँचे और उन्हें मार डाला। पहले संदिग्ध लोगों ने अमरेश व उनके दोस्तों को पटाखे चलाने से मना किया और बाद में...

ओडिशा से एक चौंकाने वाली ख़बर आई है, जहाँ दिवाली के दिन एक व्यक्ति को सिर्फ़ इसीलिए मार डाला गया क्योंकि उसने पटाखे उड़ाए थे। राजधानी भुवनेश्वर के सुंदरपाड़ा स्थित बीडीए कॉलोनी में अमरेश नायक नामक व्यक्ति की अज्ञात भीड़ ने मॉब लिंचिंग कर दी। अमरेश अपने दोस्तों के साथ रविवार (अक्टूबर 27, 2019) को पटाखे जला रहे थे, तभी कुछ अज्ञात लोग पहुँचे और उन्हें मार डाला। पहले संदिग्ध लोगों ने अमरेश व उनके दोस्तों को पटाखे चलाने से मना किया और बाद में तलवार लेकर उन पर टूट पड़े।

भीड़ में क़रीब 20 सदिग्ध लोग शामिल थे, जिन्होंने पटाखे उड़ाने से मना किया। जवाब में अमरेश व उनके दोस्तों के साथ उनकी कहासुनी हो गई। इसके बाद भीड़ ने अमरेश पर तलवार से वार किया। उन्हें गंभीर रूप से घायल देख दोस्तों ने अस्पताल पहुँचाया, जहाँ डॉक्टरों ने बताया कि उन्हें मृत ही लाया गया है। डॉक्टरों द्वारा उन्हें मृत घोषित करने के बाद इलाक़े में तनाव पसर गया। अब तक सभी आरोपितों की पहचान नहीं हो सकी है।

पुलिस इस मामले की जाँच कर रही है लेकिन आरोपित अभी भी क़ानून की पहुँच से बाहर हैं। अमरेश के दोस्तों ने बताया कि आरोपितों के पास बंदूकें व अन्य खतरनाक हथियार भी थे। उनमें से एक ने अमरेश के दोस्त की कनपट्टी पर बन्दूक रखा और अन्य ने धारदार हथियारों से हमला कर दिया। दोस्तों ने अमरेश के घर में जाकर इसकी सूचना दी लेकिन तब तक देर हो चुकी है। यह भी पता चला है कि ये दोनों समूह एक-दूसरे के विरोधी थे।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

किसी को बेल मिली तो घर नहीं जा सका, कोई अब तक जेल में… संसद की सुरक्षा में सेंधमारी को सामान्य बनाना चाह रहे...

हर पीढ़ी में ऐसे युवा होते हैं जो व्यवस्था बदलना चाहते हैं। लेकिन ये भी समझना जरूरी है कि व्यवस्था बदलने और कानून तोड़ने में अंतर होता है।

PM की हत्या की साजिश, संसद में घुसने का प्रयास और पुलिस पर पथराव: Insta रील से इतर समझें ‘कॉकरोचों’ का एजेंडा, कैसे ठगे...

एकतरफा नैरेटिव को ध्वस्त करने वाली CJP प्रदर्शन यह दूसरी तस्वीरें भी दिखें, जिनमें हिंसक भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया, 'मोदी-बीजेपी मुर्दाबाद' के नारे लगाकर असल छात्रों को बरगलाया।
- विज्ञापन -