Homeराजनीतिअगस्ता वेस्टलैंड घोटाला: ED ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रतुल पुरी के ख़िलाफ़ दाखिल...

अगस्ता वेस्टलैंड घोटाला: ED ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रतुल पुरी के ख़िलाफ़ दाखिल की चार्जशीट

कमलनाथ के भांजे रतुल पुरी के ख़िलाफ़ दिल्ली एक अदालत में पूरक आरोप-पत्र दाखिल कर दिया है। यह आरोप-पत्र शनिवार (2 नवंबर) को विशेष न्यायाधीश अरविंद कुमार के समक्ष दाखिल किया गया।

अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर घोटाले के मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के भांजे रतुल पुरी के ख़िलाफ़ दिल्ली एक अदालत में पूरक आरोप-पत्र दाखिल कर दिया है। यह आरोप-पत्र शनिवार (2 नवंबर) को विशेष न्यायाधीश अरविंद कुमार के समक्ष दाखिल किया गया। 

ज्ञात हो कि जाँच एजेंसी ने रतुल पुरी को चार सितंबर को गिरफ़्तार किया था और फ़िलहाल वो न्यायिक हिरासत में हैं। इटली के फिनमैकेनिका की ब्रिटिश सहायक, अगस्ता वेस्टलैंड से 12 वीवीआईपी हेलिकॉप्टर की ख़रीद में कथित अनियमितताओं के बाद मनी-लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया गया था।

इससे पहले पुरी को बैंक धोखाधड़ी धोखाधड़ी के लिए प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत गिरफ़्तार किया गया था। हेलिकॉप्टर घोटाले में पुरी जाँच एजेंसी के सामने पेश हुए जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद सीबीआई की FIR का संज्ञान लेते हुए उनके और अन्य के ख़िलाफ़ आपराधिक मामला दर्ज किया गया था।

पीएमएलए का इस्तेमाल कर सबसे ताज़ा केस सभी पर दायर किया गया है। लगभग दो महीने पहले (17 अगस्त, 2019 को) दायर इस मुक़दमे में रतुल पुरी के अलावा उनके पिता दीपक पुरी, माँ नीता पुरी (जो मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री और कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ की बहन भी हैं) और अन्य के खिलाफ शिकायत की गई थी। मामला सेंट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया द्वारा अपने साथ ₹354 करोड़ की धोखाधड़ी (फ्रॉड) किए जाने के आरोप का था। उनकी अग्रिम जमानत याचिका भी अदालत ने ख़ारिज कर दी थी। इसके अलावा ईडी का यह भी आरोप था कि रतुल पुरी चॉपर घोटाले के मामले में वो एक गवाह की हत्या के लिए भी जिम्मेदार हैं।

ग़ौरतलब है कि दिल्ली की अदालत ने 25 अक्टूबर 2019 को रतुल पुरी की न्यायिक हिरासत (जुडिशियल कस्टडी) एक हफ्ते यानि शनिवार (2 नवंबर, 2019) तक के लिए बढ़ा दी थी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

सोनम वांगचुक ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग से बनाई दूरी, CJP में फूट के बाद क्या अब आंदोलन की उलटी गिनती हो...

शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की माँग पर छात्र आंदोलन बंटता हुआ दिख रहा है। जहाँ सोनम वांगचुक ने इसे अपनी शर्तों में तरजीह नहीं दी है वहीँ सीजेपी की यह पहली शर्त है।

रवीश कुमार तुम ही पत्रकारों की पिटाई के जिम्मेदार हो, खुद ‘गोदी’ में बैठ करते रहे पत्रकारिता… अब चला रहे ‘गोदी मीडिया’ वाला प्रोपेगेंडा

रवीश कुमार की मौकापरस्ती सिर्फ एक व्यक्ति का पतन नहीं है, बल्कि यह उस विचार का पतन है जो खुद को 'पत्रकार' कहकर जनता को गुमराह करता रहा है।
- विज्ञापन -