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गीता में कृष्ण ने अर्जुन से जो कहा… बस वही था दिमाग में: पेरिस ओलंपिक्स 2024 में भारत को पहला मेडल दिलाने के बाद बोलीं मनु भाकर, कहा- सिर्फ कर्म पर था ध्यान

मनु से जब आखिरी पलों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वह शांत थीं और अपना कर्म करना चाहती थीं और ये उन्होंने गीता पढ़कर सीखा जिससे उन्हें मेडल जीतने में मदद मिली।

पेरिस ओलंपिक-2024 में भारत को पहला मेडल दिलाने के बाद मनु भाकर ने अपनी जीत पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बताया है कि खेल के अंतिम क्षणों में उनके मन में क्या चल रहा था। इस दौरान उन्होंने अपनी गीता पढ़ने की आदत और श्रीकृष्ण द्वारा अर्जुन को दी गई सीख की बात की।

दरअसल, मैच जीतने के बाद जब वो कैमरे के सामने आईं तो उन्होंने कहा कि वो इस जीत से बेहद खुश हैं। ये वो मेडल है जिसका भारत को इंतजार था, वो सिर्फ जो कुछ महसूस कर रही हैं वो बहुत अद्भुत है। उन्होंने बहुत मेहनत की थी और हर शॉट पूरी ताकत से लगाया। उन्होंने कहा कि वो खुद हैं कि उन्हें कास्य पदक मिला। आगे वो कोशिश करेंगी कि मेडल का रंग बदल सकें।

मनु से जब आखिरी पलों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वह शांत थीं और अपना कर्म करना चाहती थीं और ये उन्होंने गीता पढ़कर सीखा जिससे उन्हें मेडल जीतने में मदद मिली। उन्होंने कहा, “मैं गीता पढ़ती हूँ तो आखिरी में मेरे दिमाग में यही चल रहा था कि मैं वो करता हूँ जो मैं कर सकता हूँ, मैं वो करूँ जो करने की मुझसे उम्मीद की जा रही है और बाकी सब कुछ किस्मत पर छोड़ देती हूँ। गीता में कृष्णा ने कहा है कि आप अपने कर्म पर ध्यान दो उसका जो परिणाम है उस पर नहीं। मेरे दिमाग में यही चल रहा था कि अपना काम करती हूँ बाकी देखा जाएगा।”

बता दें कि मनु भाकर के इस मेडर से भारत का पेरिस ओलंपिक में खाता खुला। मनु भाकर ने 10 मीटर विमेंस एयर पिस्टल में कांस्य पदक जीत लिया है। उन्होंने आखिर तर कोरियाई खिलाड़ियों को कड़ी टक्कर दी, लेकिन वो तीसरे नंबर पर रही। इस स्पर्धा का स्वर्ण और रजत पदक, दोनों ही दक्षिण कोरियाई खिलाड़ियों ने जीता है। दक्षिण कोरियाई खिलाड़ी ने ओलंपिक रिकॉर्ड के साथ गोल्ड मेडल जीता है। मनु भाकर ने फाइनल में 221.7 अंक के साथ कांस्य पदक जीता है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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