Homeविविध विषयअन्यभले फाइनल हार गई टीम इंडिया, पर भारत की अर्थव्यवस्था में ₹11637 करोड़ जोड़...

भले फाइनल हार गई टीम इंडिया, पर भारत की अर्थव्यवस्था में ₹11637 करोड़ जोड़ गया क्रिकेट वर्ल्ड कप: 48 हजार नई नौकरियाँ भी पैदा की

ICC द्वारा जारी की रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 45 दिन चले इस विश्व कप के कारण भारत की अर्थव्यवस्था को ₹11,637 करोड़ का फायदा मिला है। यह अब तक का सबसे महँगा और सबसे बड़ा विश्व कप था, ऐसा ICC ने बताया है।

19 नवम्बर, 2023, भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच विश्व कप 2023 का आखिरी मुकाबला। इस दिन तय होना था कि भारत की 13 वर्षों की ट्रॉफी की प्रतीक्षा खत्म होगी या फिर एक बार अंतिम मौके पर भारत चूकेगा। अंत जिसका डर था, वही हुआ। भारत यह मैच हार गया। लगातार 10 मैच में जीत दर्ज करने वाली रोहित एंड कम्पनी की पारी यहाँ खत्म हुई। लेकिन भले ही नीली जर्सी पहनने वाले खिलाड़ियों को यह हार झेलनी पड़ी हो, भारत की अर्थव्यवस्था के लिए यह विश्व कप एक वरदान बन गया।

लगभग 45 दिन चलने वाले 2023 विश्व कप को लेकर हाल ही में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने एक रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट में बताया गया है कि किस तरह इस विश्व कप के आयोजन से भारती अर्थव्यवस्था को फायदा हुआ है। रिपोर्ट बताती है कि भारत में आयोजित किए गए विश्व कप के कारण होटल, पर्यटन, खेल और यातायात क्षेत्र को हजारों करोड़ का फायदा हुआ। इससे ना केवल भारतीय अर्थव्यवस्था को बल मिला बल्कि नई नौकरियाँ भी पैदा हुईं।

ICC द्वारा जारी की रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 45 दिन चले इस विश्व कप के कारण भारत की अर्थव्यवस्था को ₹11,637 करोड़ का फायदा मिला है। यह अब तक का सबसे महँगा और सबसे बड़ा विश्व कप था, ऐसा ICC ने बताया है। ICC ने बताया है कि विश्व कप के कारण वह शहर सबसे अधिक फायदे में रहे जहाँ इसके क्रिकेट मैच आयोजित किए गए। इन शहरों में बने स्टेडियमों की क्षमता बढ़ाने और उनके नवीनीकरण के कारण कई क्षेत्रों को फायदा हुआ।

विश्व कप से सबसे अधिक लाभ लेने वाला क्षेत्र होटल, यातायात और खाने-पीने का रहा। इस क्षेत्र ने विश्व कप के दौरान ₹4000 करोड़ से अधिक का कारोबार किया, जो पूरे विश्व के अप के कारण पैदा हुए फायदे का लगभग 37% है। विश्व कप में बाहर के देशों से भारत आए दर्शकों के कारण लगभग ₹2000 करोड़ का फायदा हुआ। विश्व कप में भारत आने वाले पर्यटकों ने भारत के अन्य पर्यटन स्थल भी घूमे, उनमें से बड़ी संख्या ने कहा है कि भारत को पर्यटन के लिए एक अच्छा विकल्प मानते हैं।

भारत आने वाले आधे से अधिक विदेशी पर्यटकों ने दोबारा भारत आने की बात भी कही है। रिपोर्ट में बताया गया है कि विश्व कप आयोजन के कारण भारत में लगभग 48,000 नई नौकरियाँ पैदा हुई हैं। इसके अलावा मीडिया क्षेत्र को बड़ा फायदा हुआ है। इस विश्व कप को देखने वालों की संख्या भी काफी बड़ी रही है। इस विश्व कप को 12,50,000 लोगों ने देखा जो अपने आप में रिकॉर्ड है। इससे पहले इतनी बड़ी संख्या में दर्शक विश्व कप में कभी नहीं पहुँचे।

इस मामले पर ICC के CEO जियोफ अलार्दिस ने कहा, “ICC क्रिकेट विश्व कप 2023 ने क्रिकेट की महत्वपूर्ण आर्थिक शक्ति को प्रदर्शित किया है, इससे भारत को 1.39 बिलियन डॉलर का लाभ हुआ है। इस आयोजन ने हजारों नौकरियाँ पैदा कीं और भारत को एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में प्रदर्शित किया। इससे यह साबित हुआ कि ICC के आयोजन ना केवल प्रशंसकों को जुनूनी रूप से आपस जोड़ते हैं बल्कि हमारे मेजबान देशों की अर्थव्यवस्थाओं में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।”

गौरतलब है कि रोहित शर्मा की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने इस विश्व कप में शानदार प्रदर्शन दिखाते हुए बिना एक मैच हारे फाइनल में जगह बनाई थी। फाइनल मुकाबले में भारत का मुकाबला ऑस्ट्रेलिया से था। इस मैच में बड़ा स्कोर ना खड़ा कर पाने के कारण भारतीय टीम को हार सहनी पड़ी थी। हालाँकि, हार के इस जख्म को रोहित एंड कम्पनी ने कुछ ही महीनों के भीतर टी20 विश्व कप जीत कर भर दिया है। इस प्रकार भारत विश्व कप ना जीत कर भी फायदे में ही रहा है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘काफ़िर’ अब समंदर पार नहीं है.. कैसे 11वीं सदी का क्रूसेड बना नए पेंटागन की विचारधारा? डोनाल्ड ट्रंप और अमरीकी कल्चर वॉर

1095 में पोप अर्बन द्वितीय ने यरूशलम के लिए जिस धर्मयुद्ध का ऐलान किया था, आज डोनाल्ड ट्रंप के नए अमेरिका के पीछे वही विचार काम कर रहा है। ट्रंप के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और उनकी किताब 'The War on Warriors' से समझिए कि कैसे 1000 साल पुराना 'Deus Vult' का सिद्धांत आज अमरीकी राजनीति और कल्चर वॉर को चला रहा है।

‘मेविस्तान’ बनाने का सपना, अलवर-भरतपुर में हिंसा और फिर गाँधी-नेहरू का हस्तक्षेप: जानिए मेवात के उस इतिहास की पूरी कहानी, जिसने बदल दिया इलाके...

मेविस्तान की माँग, 1933 का गोविंदगढ़ संघर्ष, 1947 का अलवर-भरतपुर घटनाक्रम और गाँधी-नेहरू के हस्तक्षेप से जुड़ी मेवात की पूरी कहानी जानिए।
- विज्ञापन -