Homeराजनीतिकरतूतें केजरीवाल-AAP की, विदेश में शर्मिंदा होते हैं एस जयशंकर: कहा- देश की राजधानी...

करतूतें केजरीवाल-AAP की, विदेश में शर्मिंदा होते हैं एस जयशंकर: कहा- देश की राजधानी में बुनियादी सुविधाओं की भी कमी, वोट डालने से पहले जनता ‘बदलाव’ पर गंभीरता से करे विचार

एस जयशंकर ने एक सभा में कहा, “जब मैं विदेश जाता हूँ, तो मुझे यह छुपाना पड़ता है कि दिल्ली में लोग घर नहीं पा रहे हैं, उन्हें गैस सिलेंडर नहीं मिल रहे हैं और आयुष्मान भारत योजना का लाभ नहीं मिल रहा है।”

दिल्ली विधानसभा चुनावों के बीच विदेश मंत्री एस जयशंकर का आम आदमी पार्टी और दिल्ली के हालातों को लेकर बयान आया है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि दिल्ली में बुनियादी सुविधाओं की कमी है, जैसे कि पानी, बिजली, और स्वास्थ्य सेवाएँ आदि। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि उन्हें विदेशों में यह बताने में शर्म आती है कि दिल्ली के निवासी इन मूलभूत आवश्यकताओं से वंचित हैं।

जयशंकर ने एक सभा में कहा, “जब मैं विदेश जाता हूँ, तो मुझे दुनिया से बातें छुपानी पड़ती हैं। मुझे शर्म महसूस होती है कि राजधानी में रह रहे लोग घर नहीं पा रहे हैं, उन्हें गैस सिलेंडर नहीं मिल रहे हैं और आयुष्मान भारत योजना का लाभ नहीं मिल रहा है।”

उन्होंने यह भी कहा कि पिछले 10 वर्षों में AAP सरकार ने दिल्ली को विकास की दौड़ में पीछे छोड़ दिया है। यदि लोगों को अपने अधिकार नहीं मिल रहे हैं, तो 5 फरवरी को मतदान करते समय उन्हें बदलाव के बारे में गंभीरता से सोचना चाहिए।

बता दें कि एस जयशंकर की तरह अन्य भाजपा नेता भी इस समय AAP की नीतियों और काम को लेकर पार्टी पर हमलावर हैं, लेकिन अरविंद केजरीवाल ने सारे आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि बीजेपी केवल राजनीतिक लाभ उठाने के लिए झूठ बोल रही है।

उन्होंने अपने शासनकाल की उपलब्धियों को गिनाते हुए बताया कि उनकी सरकार ने शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार लाने के लिए कई कदम उठाए हैं। वहीं अरविंद केजरीवाल ने 2025-26 के बजट पर भी निराशा जताई।

उन्होंने कहा कि बजट से सिर्फ उद्योगपतियों के कर्ज माफी की राह आसान हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि इस बजट में स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्रों के लिए पर्याप्त धन नहीं रखा गया। आम आदमी पार्टी का कहना है कि इस बजट से आम जनता को कोई खास फायदा नहीं होने वाला है।

गौरतलब है कि दिल्ली में 70 विधानसभा सीटों के लिए 5 फरवरी को वोटिंग होने वाली है। ऐसे में हर पार्टी ने चुनाव जीतने के लिए अपनी पूरी ताकत लगाई हुई है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

कॉन्ग्रेस ने अडानी पर किया वार, चीन को पहुँचा सीधा फायदा: केन्या सरकार ने नैरोबी एयरपोर्ट का टेंडर बदला, चीनी कंपनी को 50% महंगे...

केन्या के नैरोबी एयरपोर्ट विस्तार प्रोजेक्ट में अडानी की जगह चीनी कंपनी को ठेका मिलने से आर्थिक और राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। इन सबमें चीन का नाम क्यों आ रहा है... आइए जानें

एक दीपक जलाने पर इस्लामी कट्टरपंथियों ने मचा दिया बवाल… केरल के निलाविलक्कु विवाद से क्या समझे आप? क्या सेक्युलर होने का ठेका सिर्फ...

फातिमा तहिलिया विवाद के बाद फिर उठे सवाल- जब दूसरे समुदाय अपनी धार्मिक सीमाएँ तय करते हैं, तो समायोजन की उम्मीद सिर्फ हिंदुओं से क्यों?
- विज्ञापन -