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दिशा सालियान केस में मीडिया के सामने आदित्य का नाम मत लेना: उद्धव ठाकरे ने CM रहते 2 बार किया था कॉल, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री का दावा- बेटे को बचाने की गुजारिश की थी

नारायण राणे ने उद्धव ठाकरे के कॉल पर दावे के अलावा कहा, "दिशा सालियान के पिता हाई कोर्ट इसलिए गए क्योंकि उन्हें अब तक न्याय नहीं मिला है। उनके पिता को लगता है कि पुलिस उन्हें न्याय नहीं दिला पाई तो वो हाई कोर्ट चले गए।"

बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मैनेजर दिशा सालियान की मौत मामले में भारतीय जनता पार्टी के सांसद व पूर्व मुख्यमंत्री नारायण राणे ने चौंकाने वाला दावा किया है। उनका कहना है कि उद्धव ठाकरे ने साल 2020 में कोविड के दौरान उन्हें दो बार कॉल करके अनुरोध किया था कि वो प्रेस के सामने उनके बेटे आदित्य ठाकरे का नाम न लें।

उन्होंने बताया, “दिशा सालियान के पिता हाई कोर्ट इसलिए गए क्योंकि उन्हें अब तक न्याय नहीं मिला है। उनके पिता को लगता है कि पुलिस उन्हें न्याय नहीं दिला पाई तो वो हाई कोर्ट चले गए।”

वह बोले,

“उद्धव ठाकरे का पीए, जो अब विधायक है उसने तब मुझे कॉल किया था। कहा था कि उद्धव ठाकरे मुझसे बात करना चाहते हैं… उसने पूछा था- ‘क्या आप बात करेंगे?’ , तब मैंने कहा था- ‘उन्हें फोन दो, मैं बात करूँगा’… इसके बाद ठाकरे ने फोन लिया और कहा- ‘जय महाराष्ट्र’ और मुझसे पूछा कि क्या मैं अब भी जय महाराष्ट्र कहता हूँ? इस पर मैंने जवाब दिया- मैं हमेशा ही जय महाराष्ट्र कहूँगा जब तक मैं मर नहीं जाता। जय महाराष्ट्र कोई ‘मातोश्री’ की प्रॉपर्टी नहीं है। ये छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रॉपर्टी है।”

इसी के बाद राणे ने दावा किया कि ठाकरे ने उनसे अनुरोध किया था कि वो कॉन्फ्रेंस में आदित्य का नाम न लें। अब जो एफआईआर हुई है वो सबूतों के आधार पर हुई।

दिशा सालियान के पिता पहुँचे हाई कोर्ट

गौरतलब है कि पिछले दिनों दिशा सालियान के पिता हाईकोर्ट के जाने के कारण ये केस दोबारा से चर्चा में आया था। उन्होंने अपनी याचिका में माँग उठाई कि शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हो और पूरा मामला सीबीआई को सौंपने का निर्देश दिया जाए। उन्होंने याचिका में आरोप लगाया था दिशा सालियान की रेप के बाद हत्या हुई थी और बाद में कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों को बचाने के लिए इस मामले में साजिश रची गई।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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