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सीजफायर की गुहार लेकर इजरायल के झुका आतंकी संगठन हमास: गिड़गिड़ा कर बोला- ‘हम वापस कर देंगे सारे बंधक, IDF रोक दे बमबारी’

इजरायल हमास के संपूर्ण विनाश की प्रक्रिया में जुटा हुआ है, जबकि अपने शीर्ष कमांडरों के बारे जाने के बाद अब वो सिर्फ अपने अस्तित्व को बचाने की कोशिश कर रहा है।

गाजा पर कब्जा जमाए बैठे फिलिस्तीनी आतंकी संगठन हमास ने अमेरिका के एक प्रस्ताव के जवाब में बड़ा बयान दिया है। उसने कहा कि वह 10 जिंदा बंधकों को रिहा करने और 18 मृत इजरायली बंधकों के शव सौंपने को तैयार है। लेकिन इसके बदले उसकी दो बड़ी माँगें हैं: पहला – गाजा पट्टी से इजरायली सेना की पूरी तरह वापसी, और दूसरा – युद्ध का स्थाई अंत। यह जवाब शनिवार (31 मई 2025) को आया, जब हमास ने अमेरिका के प्रस्ताव पर अपनी प्रतिक्रिया दी।

अमेरिका का प्रस्ताव इजरायल के सामरिक मामलों के मंत्री और प्रमुख वार्ताकार रॉन डेरमर की सहमति से तैयार किया गया था। इस प्रस्ताव में 60 दिनों के युद्धविराम की बात थी, जिसके बाद इजरायल को फिर से युद्ध शुरू करने का विकल्प दिया गया था। इसके अलावा, इस दौरान गाजा में संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व में मानवीय सहायता को बहाल करने की योजना भी शामिल थी। इजरायल ने इस प्रस्ताव को पहले ही स्वीकार कर लिया था।

हमास ने अपने जवाब में साफ किया कि वह 28 बंधकों की रिहाई के लिए तैयार है, जिनमें 10 जीवित हैं और 18 मृत। उसने यह भी कहा कि वह इजरायली जेलों में बंद फिलिस्तीनी कैदियों की रिहाई के बदले इन बंधकों को छोड़ेगा। हमास का कहना है कि उसका लक्ष्य सिर्फ अस्थाई राहत नहीं, बल्कि स्थाई युद्धविराम और गाजा से इजरायली सेना की पूरी तरह वापसी है। संगठन ने एक अलग बयान में जोर दिया कि यह प्रस्ताव युद्ध को हमेशा के लिए खत्म करने की दिशा में एक कदम होना चाहिए।

इस बीच, एक और घटनाक्रम में तनाव बढ़ गया। जॉर्डन, सऊदी अरब, मिस्र और बहरीन के विदेश मंत्रियों के साथ-साथ अरब लीग के महासचिव को रविवार (1 जून 2025) को वेस्ट बैंक के रामल्लाह में फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास से मिलने जाना था। इस मुलाकात को गाजा संकट के समाधान और क्षेत्र में बढ़ते तनाव को कम करने के लिए बहुत अहम माना जा रहा था। लेकिन इजरायल ने इस यात्रा पर रोक लगा दी। इजरायल का कहना है कि वेस्ट बैंक की सीमाएँ और हवाई क्षेत्र उसके नियंत्रण में हैं, इसलिए वह इस यात्रा में कोई सहयोग नहीं करेगा।

बता दें कि फिलीस्तीन के गाजा पर हमास का करीब 2 दशकों से नियंत्रण है। गाजा पर हमास कब्जेदार की तरह है, क्योंकि फिलिस्तीनी अथॉरिटी ने ही उसे कभी मान्यता नहीं दी। इजरायल हमास के संपूर्ण विनाश की प्रक्रिया में जुटा हुआ है, जबकि अपने शीर्ष कमांडरों के बारे जाने के बाद अब वो सिर्फ अपने अस्तित्व को बचाने की कोशिश कर रहा है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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