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‘घर में पूजा-पाठ से चिढ़ती थीं दोनों बहनें, पूरे परिवार को बनाना चाहती थी मुस्लिम’: ‘ऑपरेशन अस्मिता’ से लाई गईं वापस, पिता ने CM योगी को कहा थैंक्यू

 पिता का कहना है कि उनकी बेटियों का पूरी तरह से ब्रेनवॉश किया गया था। चार साल से बेटियाँ गिरोह के चंगुल में थीं। वह अपने धर्म के बारे में बात करना भी पसंद नहीं करती थीं।

आगरा में धर्मांतरण के गिरोह से बच कर घर वापसी करने वाली आगरा की दोनों बहनों को लेकर परिवार ने नए खुलासे किए हैं। उनके माता-पिता का कहना है कि वे गिरोह के चंगुल में पूरी तरह फँस चुकी थी। दोनों पूजा-पाठ का विरोध भी करती थी।

जानकारी के अनुसार, रविवार (20 जुलाई 2025) उनके माता-पिता ने को आगरा कैंप कार्यालय पहुँचकर पुलिस आयुक्त से मुलाकात की। पिता का कहना है कि उनकी बेटियों का पूरी तरह से ब्रेनवॉश किया गया था। वह अपने धर्म के बारे में बात करना भी पसंद नहीं करती थीं।

इतना ही नहीं दोनों बहनें अपनी परिवार के लोगों पर भी धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाती थी। रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर प्रदेश पुलिस ने कुछ दिनों पहले ‘ऑपरेशन अस्मिता’ अभियान चलाया था। इसमें एक बड़ा धर्मांतरण गिरोह पकड़ा गया था।

अभियान के तहत छह राज्यों से कुल 10 लोग गिरफ्तार हुए थे। ये सभी आरोपित लव जिहाद के जरिए धर्मांतरण कराते थे। पुलिस के अनुसार गिरोह ISIS जैसे आतंकी संगठन की तरह काम करता था।

कैसे मिली थी आगरा की दो सगी बहनें?

मार्च 2025 में आगरा के सदर बाजार थाने में दो सगी बहनों के गायब होने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। दोनों बहनें अपना फोन भी साथ नहीं ले गई थी और सोशल मीडिया पर अपने असली नामों से एक्टिव नहीं थी, इसलिए पुलिस को भी उनकी कोई जानकारी नहीं मिल पा रही थी।

अंत में परिवार से मिली जानकारी के आधार पर साइबर सेल ने कमान सँभाली। इस दौरान उन्हें इंस्टाग्राम पर एक ‘कनेक्टिंग रिवर्ट आईडी’ मिली। इस आईडी से जो भी लोग जुड़े थे उनकी जाँच की गई। पुलिस की एक महिला दारोगा ने फेक नाम बताकर खुद के धर्मांतरण के लिए संपर्क किया।

इस पर उन्हें जवाब भी आता है। जवाब देने वाली एक महिला होती है। कोलकाता को लोकेशन मिलने के बाद वहाँ एसीपी के साथ चार टीमें भेजी गईं। दिल्ली, राजस्थान, गोवा, उत्तराखंड और यूपी के बाकी इलाकों में भी टीमें भेजी गईं, जिनमें चार से पाँच पुलिसकर्मी थे।

एक ही समय पर पुलिस ने सभी 6 राज्यों में छापा मारा। 50 पुलिसकर्मियों ने चार दिन तक हर गतिविधि पर नजर रखा। अंत में दोनों बहनों को भी बरामद कर लिया गया और गिरोह का भी पर्दाफाश हुआ।

घर वापसी करने वाली लड़कियों के माता-पिता ने कहा कि चार साल से बेटियाँ गिरोह के चंगुल में थीं। उन्होंने उनकी वापसी के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और आगरा पुलिस को धन्यवाद कहा है।

जानकारी के अनुसार, इस मामले में एक और बड़ी सफलता हासिल करते हुए ATS और IB ने दिल्ली के मुस्तफाबाद इलाके से मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान को गिरफ्तार कर लिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, अब्दुल रहमान को हाल ही में आगरा में सामने आए बड़े पैमाने पर धर्मांतरण रैकेट का मुख्य सूत्रधार माना जा रहा है।

अब्दुल रहमान के घर की तलाशी ली गई थी, तो वहाँ से बड़ी संख्या में किताबें बरामद की गईं, जिनका उद्देश्य हिंदुओं का धर्मांतरण के लिए ब्रेनवॉश करना था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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