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‘मस्जिद, मदरसा, दरगाह के पास गरबा खेलना मना है’: गुजरात के एक गाँव में बोर्ड लगाकर सुनाया फरमान, हिंदू संगठनों के विरोध के बाद हरकत में आई पुलिस

यह बोर्ड स्थानीय मस्जिद समिति ने एक निजी जमीन की दीवार पर लगाया था। घटना की जानकारी मिलते ही हिंदू संगठन ने विरोध-प्रदर्शन कर कार्रवाई की माँग की। संगठन के कार्यकर्ताओं ने मातर थाने के पुलिस निरीक्षक को लिखित में शिकायत भी दी है।

गुजरात के खेड़ा शहर के मातर तालुका स्थित नानी भागोल गाँव में मस्जिद के पास एक बोर्ड लगाया गया, जिस पर विवाद हो गया है। बोर्ड में लिखा गया कि नानी भागोल हुसैनी चौक पर दरगाह, मस्जिद और मदरसों के आसपास गरबा खेलने पर मनाही है। बोर्ड लगाए जाने के बाद हिंदू संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया।

हिंदू संगठन ने इस विवादित बोर्ड को संविधान के विरुद्ध बताते हुए पुलिस थाने में शिकायत भी दर्ज करवाई। मामला पुलिस तक पहुँचा तो मुस्लिमों ने बोर्ड को हटाने के बजाए उस पर तुरंत काला रंग पोत दिया। पुलिस ने मामले में FIR दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।

ऑपइंडिया से बात करते हुए जिला बजरंग दल संयोजक केयूर पटेल ने बताया कि यह पूरा मामला खेड़ा जिले के मातर तालुका के नानी भागोल गाँव का है। सोमवार (15 सितंबर 2025) की सुबह हिंदू संगठन को जानकारी मिली की नानी भागोल के हुसैनी चौक पर गरबा न करने से संबंधित विवादित बोर्ड लगाया गया है। इस पर स्थानीय कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया।

पटेल के मुताबिक, यह बोर्ड स्थानीय मस्जिद समिति ने एक निजी जमीन की दीवार पर लगाया था। घटना की जानकारी मिलते ही हिंदू संगठन ने विरोध-प्रदर्शन कर कार्रवाई की माँग की। संगठन के कार्यकर्ताओं ने मातर थाने के पुलिस निरीक्षक को लिखित में शिकायत भी दी है। ऑपइंडिया के पास शिकायत की कॉपी भी उपलब्ध है।

हिंदू संगठनों ने जिहादी मानसिकता की निंदा की

हिंदू संगठनों ने पुलिस को सौंपी शिकायत में इस घटना की आलोचना की और इसे जिहादी मानसिकता बताया है। शिकायत में कहा गया कि नानी भगोल गाँव में मस्जिद समिति ने दरगाहों, मदरसों और मस्जिदों के आसपास गरबा खेलने पर सख्त पाबंदी लगाने की बात लिखी है। हिंदू संगठनों ने इस घटना को संविधान और लोकतंत्र के खिलाफ बताया है।

पुलिस को दी शिकायत में यह भी लिखा गया कि इस विवादित बोर्ड को लगाने का निर्णय संविधान के अनुच्छेद 14, अनुच्छेद 19(1)(D), अनुच्छेद 35, अनुच्छेद 26, अनुच्छेद 153, अनुच्छेद 295 और अनुच्छेद 505 का उल्लंघन है। ये सभी अनुच्छेद धार्मिक स्वतंत्रता और समानता की बात करते हैं। यह भी बताया कि इस तरह की पाबंदी गुजराती संस्कृति के विरुद्ध हैं और हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाते हैं।

इसके अलावा हिंदू संगठन ने यह भी कहा कि ऐसी घटनाएँ में समाज में फूट और नफरत फैलाने का काम करती हैं। हिंदू संगठनों ने पुलिस से माँग की कि इस तरह के विवादित बोर्ड को तुरंत हटाया जाए और जिम्मेदार लोगों पर तुरंत कार्रवाई की जाए। इसके साथ यह भी माँग की गई कि भविष्य में ऐसी घटनाएँ न हों।

हिंदू संगठन ने बताया कि हुसैनी चौक मुस्लिम बहुल इलाका है। इलाके में नवरात्रि जैसे कार्यक्रमों पर भी प्रतिबंध रहता है। इसके बावजूद कुछ मुस्लिम लोगों ने दुश्मनी फैलाने के लिए ऐसे विवादित लेख के साथ बोर्ड लगाया है।

पुलिस की जाँच शुरू

वहीं ऑपइंडिया से बात करते हुए मातर पुलिस थाने के इंस्पेक्टर आरएन खाट ने बताया कि पुलिस ने आवेदन मिलने के कुछ घंटे के भीतर कार्रवाई शुरू कर दी थी। पुलिस ने मस्जिद आयोग को घटना की जानकारी दी और विवादित बोर्ड हटाने के आदेश दिए। इसके बाद बोर्ड पर काला रंग पोतकर लिखावट मिटा दी गई।

इंस्पेक्टर ने आगे बताया कि इस मामले में FIR दर्ज की जा चुकी है। जाँच के बाद बोर्ड लगाने वाले व्यक्ति को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

मूलरूप से गुजराती में प्रकाशित इस रिपोर्ट को यहाँ लिंक पर क्लिक कर पढ़ सकते हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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