दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलन मस्क ने ऑनलाइन इनसाइक्लोपीडिया ‘विकिपीडिया’ (Wikipedia) के दबदबे को ध्वस्त करने की तैयारी शुरू कर दी है। वामपंथी प्रोपेगेंडा फैलाने के लिए कुख्यात विकिपीडिया को टक्कर देने के लिए मस्क ‘ग्रोकिपीडिया’ (Grokipedia) बनाने जा रहे हैं। यह मस्क की कंपनी एक्सएआई (xAI) द्वारा विकसित किया जाएगा।
xAI के संस्थापक मस्क ने घोषणा की है कि यह एक ओपन-सोर्स ज्ञान का भंडार होगा जो विकिपीडिया का विकल्प बनने की दिशा में काम करेगा। मस्क ने कहा है कि यह विकिपीडिया से बेहतर होगा और इसके इस्तेमाल के लिए कोई लिमिट नहीं होगी। मस्क ने लोगों से xAI से जुड़कर ग्रोकिपीडिया बनाने में मदद करने की अपील भी की है।
Join @xAI and help build Grokipedia, an open source knowledge repository that is vastly better than Wikipedia!
— Elon Musk (@elonmusk) September 30, 2025
This will be available to the public with no limits on use. https://t.co/3CnfrvNIpI
एलन मस्क ने अपने एक्स (पूर्व ट्विटर) पोस्ट में कहा, “हम ग्रोकिपीडिया बना रहे हैं। यह विकिपीडिया से बहुत बड़ा सुधार होगा। वास्तव में, यह एक्सएआई के ब्रह्मांड को समझने के लक्ष्य की दिशा में एक आवश्यक कदम है।”
इससे पहले मस्क ने विकिपीडिया को अपना नाम बदलने के लिए $1 बिलियन की पेशकश की थी। मस्क ने बुधवार को इससे जुड़ा एक पोस्ट भी रिपोस्ट किया है, जिसमें लिखा है, “विकिपीडिया को एलन मस्क से 1 बिलियन डॉलर का प्रस्ताव स्वीकार कर लेना चाहिए था, अब बहुत देर हो चुकी है, प्रतिद्वंद्वी आ रहा है- ग्रोकिपीडिया!”
मस्क द्वारा यह घोषणा 30 सितंबर 2025 को की गई, जब मस्क ने डेविड सैक्स के एक पोस्ट का जवाब दिया, जिसमें विकिपीडिया की पूर्वाग्रही होने की आलोचना की गई थी।
कैसे काम करेगा ग्रोकिपीडिया?
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, एक्सएआई की टीम द्वारा विकसित किया जाएगा, जिसमें एआई विशेषज्ञ और डेवलपर्स शामिल होंगे। मस्क ने लोगों को आमंत्रित किया है। यह ओपन-सोर्स होगा, अर्थात इसका कोड और सामग्री सार्वजनिक रूप से उपलब्ध होगी, जिससे कोई भी व्यक्ति इसमें सुधार कर सकेगा।
मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि नवंबर 2023 में लॉन्च किया गया ग्रोक नामक एआई चैटबॉट इस प्लेटफॉर्म का मुख्य इंजन होगा। ग्रोकिपीडिया में एआई का उपयोग जानकारी को सत्यापित करने, गलतियों को सुधारने और रीयल-टाइम अपडेट्स देने के लिए किया जाएगा। साथ ही, एक्स प्लेटफॉर्म से प्राप्त रीयल-टाइम डेटा का उपयोग करके यह सुनिश्चित किया जाएगा कि जानकारी हमेशा अपडेट रहे।
मस्क के मुताबिक, ग्रोकिपीडिया का लक्ष्य विकिपीडिया की तुलना में अधिक सटीक, पारदर्शी और विविध जानकारी लोगों तक पहुँचाना है। मस्क लंबे समय से विकिपीडिया की आलोचना करते रहे हैं। अक्टूबर 2024 में उन्होंने X पर ही एक पोस्ट किया था कि विकिपीडिया पर अति-वामपंथी एक्टिविस्ट्स का नियंत्रण है। मस्क ने लिखा था, “लोगों को उन्हें दान देना बंद कर देना चाहिए।”
Wikipedia is controlled by far-left activists.
— Elon Musk (@elonmusk) October 25, 2024
People should stop donating to them. https://t.co/Cjq2diadFY
विकिपीडिया का एंटी हिंदू और वामपंथ प्रेमी प्रोपेगेंडा
Wikimedia Foundation बेशक यह दावा करता रहा हो कि विकिपीडिया एक स्वतंत्र, संपादकीय हस्तक्षेप-रहित विश्वकोश है लेकिन हकीकत इससे अलग है। वामपंथियों की टूलकिट बने विकिपीडिया का खुलासा करते हुए ऑपइंडिया ने 186 पन्नों का डोजियर तैयार किया था।
विकिपीडिया में असामान्य शक्ति वाले संपादक और प्रशासक सुनिश्चित करते हैं कि ‘दक्षिणपंथी’ (गैर-वामपंथी) स्रोतों को खारिज या ब्लैकलिस्ट कर दिया जाए। मस्क या ऑपइंडिया छोड़िए खुद Wikipedia के सह-संस्थापक लैरी सेंगर भी यह साफ-साफ कह चुके हैं कि विकिपीडिया में स्पष्ट वामपंथी पूर्वाग्रह है।
हमारे शोध में सामने आया कि खुद को ओपन सोर्स बताना का दावा करने वाले विकिपीडिया की संरचना स्वयं कुछ व्यक्तियों को पूर्ण शक्ति देती है जिन्हें ‘प्रशासक’ कहा जाता है। पूरे विश्व में केवल 435 सक्रिय प्रशासक हैं जिनके पास संपादकों को प्रतिबंधित करने, स्रोतों को ब्लैकलिस्ट करने, योगदानकर्ताओं को प्रतिबंधित करने और लेखों पर संपादन करने या पलटने का अधिकार है।
नवंबर 2024 में मोदी सरकार ने भी विकिपीडिया को नोटिस भेजकर इस पर प्रकाशित भ्रामक और पक्षपाती जानकारी पर सवाल पूछे थे। सूचना और प्रसारण मंत्रालय (I&B) द्वारा जारी इस नोटिस में जिक्र किया गया था कि किस तरह विकिपीडिया की सामग्री पर एक छोटे समूह के संपादकों का नियंत्रण है, जो इसमें हेरफेर करने में सक्षम होते हैं और एकपक्षीय जानकारियाँ उपलब्ध कराते हैं।
Wikimedia Foundation की पूर्व CEO कैथरीन माहेर ने अगस्त 2021 में एक TED टॉक में अनजाने में यह खुलासा किया कि विकिपीडिया के माध्यम से फैलाई गई जानकारी सत्य पर आधारित नहीं होती।
कैथरीन माहेर ने अपने TED टॉक और अन्य सार्वजनिक भाषणों में स्पष्ट किया कि विकिपीडिया पर लिखने वाले लेखक ‘सत्य’ पर ध्यान केंद्रित नहीं करते। उन्होंने कहा, “जो लोग इन लेखों को लिखते हैं, वे सत्य पर नहीं, बल्कि वर्तमान समय में जो सबसे अच्छा संभव ज्ञान है, उस पर ध्यान केंद्रित करते हैं।”
विकिपीडिया के हिंदू विरोध को कुछ उदाहरणों से समझें तो इसने ऐसे कंटेंट को बढ़ावा दिया जिसे संभल के मुस्लिम पत्थरबाजों को बचाने की कोशिश हुई और ‘जय श्रीराम’ के नारों को हिंसा के लिए ठहराया जिम्मेदार गया।
इसके अलावा विकिपीडिया ने छत्रपति संभाजी महाराज पर विवादित कंटेंट हटाने से मना कर दिया था। साथ ही, RSS के विकिपीडिया पेज से छेड़छाड़ कर उसे इस्लामी यूजर द्वारा ‘हिंदू आतंकी संगठन’ लिखे जाने का केस भी सामने आया है। हाल ही काे उदाहरण को देखें तो विकिपीडिया में वामपंथी एडिटर ‘द बंगाल फाइल्स’ को ‘प्रोपेगेंडा’ फिल्म बताने पर तुले नजर आए थे।
विकिपीडिया की फंडिंग पर भी हैं सवाल
Wikimedia Foundation का वित्तीय जुड़ाव Tides Foundation से है, जिस पर अमेरिका में हमास समर्थक प्रदर्शनों और जॉर्ज सोरोस से जुड़े संगठनों को फंड देने के आरोप हैं। ये दोनों मिलकर कई ऐसे समूहों को सहायता देते हैं जो भारत विरोधी एजेंडा चलाते हैं। इनमें Hindus for Human Rights, Equality Labs, Art+Feminism, Access Now और हिंडेनबर्ग जैसे संगठन शामिल हैं।
2019 से Wikimedia Foundation की भारत में कोई औपचारिक मौजूदगी नहीं है, फिर भी यह भारत से भारी डोनेशन लेता है और उन्हें उन एनजीओ तक पहुँचाता है जो उसके व्यावसायिक और भारत-विरोधी हितों को मजबूत करते हैं।
विकिपीडिया के एकछत्र और एक आयामी राज को खत्म कर एलन मस्क की यह पहल एक ऑनलाइन विश्वकोश से आगे बढ़कर सूचना की दिशा में एक क्रांतिकारी बदलाव बन सकती है। विकिपीडिया जैसे प्लेटफॉर्म पर जो पक्षपात, अधूरी जानकारी और विवादास्पद संदर्भ होने की समस्याओं के उल्ट ग्रोकिपीडिया पारदर्शी और भरोसेमंद ऑनलाइन इनसाइक्लोपीडिया बन सकता है।


