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‘मृतकों को जिंदा करने’ का दावा करने वाला स्टीवन सोशल मीडिया से भी चला रहा था धर्मांतरण का रैकेट, गुजरात के कई शहरों में सेमिनार में कहा- मूर्ति पूजा केवल ‘पत्थरों की पूजा’

स्टीवन मैकवान के यूट्यूब चैनल पर ऐसे कई वीडियो हैं, जिनमे वह ईश्वर के चमत्कारों के जरिए किसी की बीमारी ठीक करने या किसी को दूसरी समस्याओं से बाहर निकालने का दावा करता है। इतना ही नहीं, स्टीवन ने ईश्वर के कथित चमत्कारों के जरिए मरे हुए लोगों को जिंदा करने का भी दावा किया है और इसके वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किए हैं।

गुजरात के नाडियाड शहर में बड़े धर्मांतरण रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। रैकेट के मास्टरमाइंड स्टीवन मैकवान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल स्टीवन न्यायिक हिरासत में है। उधर खेड़ा पुलिस धर्मांतरण रैकेट की गहराई से जाँच में जुटी हुई है।

पुलिस की जाँच में सामने आया कि मैकवान ‘रेस्टोरेशन रिवाइवल’ नाम का एक ट्रस्ट चला रहा था और इसके जरिए वह दूसरे राज्यों से लोगों को लाकर उनका ब्रेनवॉश करके धर्मांतरण करवा रहा था। पुलिस ने बताया कि ये गैरकानूनी है क्योंकि इसके लिए कोई कागजी कार्रवाई नहीं की जाती थी। इस धर्मांतरण रैकेट का केंद्र नाडियाड में बनाया गया था। लेकिन पुलिस को शक है कि इसके तार बाकी राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं।

पुलिस की जाँच में यह भी सामने आया कि स्टीवन को धर्मांतरण के लिए विदेश से फंडिंग की जा रही थी। पुलिस विदेश से जुड़े ₹1.33 करोड़ के लेन-देन की जाँच भी कर रही है। शुरुआती जाँच के मुताबिक, मैकवान इसी पैसे से यह रैकेट चलाता था।

पुलिस ने धर्मांतरण के मास्टरमाइंड मैकवान को पाँच दिन की रिमांड पर लेकर पूछताछ की, जिसके बाद दोबारा कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

मास्टरमाइंड स्टीवन मैकवान सोशल मीडिया पर भी काफी सक्रिय था। मैकवान ने अपने ट्रस्ट के नाम से एक फेसबुक पेज भी बनाया था और यूट्यूब चैनल भी चलाता था। दोनों सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म साल 2020 के आसपास शुरू किए गए थे, जिनमें लगभग तीन महीने पहले आखिरी पोस्ट डाली गई थी।

सोशल मीडिया पर चमत्कार से बीमारी ठीक करने की वीडियो

स्टीवन मैकवान के यूट्यूब चैनल पर ऐसे कई वीडियो हैं, जिनमे वह ईश्वर के चमत्कारों के जरिए किसी की बीमारी ठीक करने या किसी को दूसरी समस्याओं से बाहर निकालने का दावा करता है।

इतना ही नहीं, स्टीवन ने ईश्वर के कथित चमत्कारों के जरिए मरे हुए लोगों को जिंदा करने का भी दावा किया है और इसके वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किए हैं। बाद में इन वीडियो का इस्तेमाल लोगों का ब्रेनवॉश करने और उनका धर्मांतरण करने के लिए किया गया।

स्टीवम माइकैवन ने यूट्यूब पर डाले वीडियो का स्क्रीनशॉट

यूट्यूब पर अपलोड किए गए वीडियो में किसी को कोरोना से ठीक करने, किसी को कैंसर से ठीक करने और यहाँ तक कि किसी को ‘मृत्यु जैसी स्थिति’ से भी ठीक करने का दावा करते हैं।

इन सभी वीडियो में स्टीवन या उसका कोई साथी दिखाई देता है। सभी वीडियो की स्क्रिप्ट भी एक जैसी है, जिसमें बीमारी और समस्या से मुक्ति दिलाने के लिए ईसा मसीह का आभार व्यक्ति किया जा रहा है।

ऐसे ही मैकवान्स ट्रस्ट नाम से फेसबुक पेज पर 24 अग्सत 2018 को एक पोस्ट डाली गई, जिसमें दावा किया गया कि एक हिंदू परिवार की बेटी की बीमारी यीशु की प्रार्थना से ठीक हो गई।

स्टीवन मैकवान ने फेसबुक पर की पोस्ट का स्क्रीनशॉट (गोपनीयता बनाए रखने के लिए कुछ विवरण हटाए गए हैं)

पोस्ट में लड़की का नाम और उम्र बताते हुए कहा गया है कि वह एक हिंदू परिवार से है और जन्म से ही बोल-सुन नहीं सकती। उसके पिता ने कई जगह इलाज कराया लेकिन अस्पताल ने कहा कि उसका ऑपरेशन करवाना होगा, जिसमें लाखों खर्च होंगे।

पोस्ट में आगे दावा किया गया है कि लड़की के पिता ने उसे रिस्टोरेशन मूवमेंट में शामिल करना शुरू किया और जब ईसा मसीह की प्रार्थना शुरू की तो लड़की बिना किसी ऑपरेशन के बोलने और सुनने लग गई।

सेमिनार में लोगों का करता था ब्रेनवॉश

इसके अलावा मैकवान के यूट्यूब चैनल पर उसके सेमिनारों में भाषण की कई वीडियो भी अपलोड की गई हैं। वह अक्सर लोगों के सामने ईसाई का इतिहास बताते हुए भाषण देता था। लोगों को ईसाई धर्म से जुड़ी एक किताब से समझाता और फिर वही किताब लोगों को पढ़ने के लिए दे देता था।

इन भाषणों में मैकवान ने यीशु में विश्वास, आत्मा की कथित शुद्धि और कई अन्य बातों पर बात की है। उनका कहना है कि सभी समस्याओं का समाधान यही है कि लोग यीशु में विश्वास करें, ईश्वर पर भरोसा करें। अगर ईश्वर या यीशु उनके साथ है तो जीवन में कभी कोई समस्या नहीं आएगी। शैतान उनके पीछे नहीं आएगा।

वह अपने कुछ वीडियो में बच्चों का इस्तेमाल भी करते नजर आता है। इसके अलावा उसके कई सेमिनारों में भी बच्चे और युवा हिस्सा लेते नजर आए हैं।

कई वीडियो ऐसे भी हैं, जिनमें मैकवान ने बाहर से कुछ पादरियों को बुलाकर भाषण दिलवाए थे। इन पादरियों के भाषणों में वही सब बातें कही गईं, जो मैकवान अपने सेमिनारों में कहा करता थे। कुछ घटनाओं का जिक्र करके ईसाई धर्मग्रंथों में लिखी बातों का हवाला देकर वह लोगों को यह यकीन दिलाता था कि अगर वे ईसा मसीह पर विश्वास करने लगें तो उनके जीवन की परेशानियाँ अपने आप कम हो जाएँगी।

उसके ट्रस्ट के यूट्यूब चैनल और फेसबुक पेज पर कई पोस्ट औऱ वीडियो देखे गए हैं, जिनमें ऐसे दावे किए गए हैं।

मूर्ति पूजा के बारे में प्रचार

स्टीवन मैकवान अपने एक भाषण में मूर्ति पूजा के बारे में भी बात करता सुना गया है। अपने भाषण में वह मूर्ति पूजा को पूरी तरह से नकारता है और इसे अनावश्यक बताता हैं। वह ‘पत्थर’ शब्द का इस्तेमाल कर कहता है कि मूर्ति पूजा सिर्फ पत्थरों की पूजा करना है।

वह कहता है कि अगर कोई व्यक्ति अपनी पत्नी को ईसा मसीह से ज्यादा महत्वपूर्ण समझता है या अपने बच्चों या माता-पिता को ज्यादा महत्वपूर्ण समझता है तो यह भी अनुचित है। वह कहता है कि ईसा मसीह सबसे पहले है फिर बाकी सब।

यहाँ साफतौर से मूर्ति पूजा का संबंध हिंदू देवी-देवताओं से है। मैकवान ने सेमिनार में आए हिंदुओं को ब्रेनवॉश करने के लिए मूर्ति पूजा पर आपत्तिजनक टिप्पणियाँ भी की। यह बात वीडियो में 27 मिनटट के बाद सुनी जा सकती है।

बाकी शहरों में भी धर्मांतरण की गतिविधियाँ सक्रिय

स्टीवन मैकवान ने नाडियाड के अलावा अहमदाबाद और बाकी शहरों में भी धर्मांतरण गतिविधियाँ फैलाई थीं। कई कार्यक्रमों में वह बीमारों और जरूरतमंदों को बुलाकर उन्हें पवित्र आत्मा की उपस्थिति का एहसास दिलाने के नाम पर भाषण देता था। इसके बाद वह लोगों पर हाथ रखने और प्रार्थना करने की भी बात करता था।

मैकवान ने वडोदरा में भी ऐसे कई कार्यक्रम आयोजित किए थे, जिनकी जानकारी उसके सोशल मीडिया पर उपलब्ध है।

ट्रस्ट के पेज पर कई तस्वीरें हैं, जिनमें लोगों को अनाज और राशन से मदद करते हुए और भूखों को भोजन देने के लिए अभियान चलाते हुए दिखाया गया है। हालाँकि, सामाजिक ट्रस्टों द्ववारा ऐसे काम करना कोई आश्चर्य की बात नहीं है लेकिन मैकवान का काम लोगों का धर्मांतरण कराना था।

कई जगहों और मामलों में गरीबों को मदद का लालच देकर और उन्हें बरगलाकर धर्मांतरण करने की खबरें आई हैं। ऐसे में स्वाभाविक है कि ऐसी पोस्टों को भी संदेह की नजर से देखा जाए।

स्टीवन मैकवान फिलहाल न्यायिक हिरासत में है। पुलिस ने उसके मोबाइल और अन्य डिजिटल उपकरणों से बड़ी संख्या में वीडियो, फोटो और अन्य सामग्री बरामद की है, जिनकी फोरेंसिक जाँच की जा रही है। आगे की जाँच के दौरान और भी खुलाने होने की संभावना है।

(मूलरूप से ये खबर गुजराती भाषा में मेघल सिंह परमान ने लिखी है, जिसे पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें।)

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મેઘલસિંહ પરમાર
મેઘલસિંહ પરમાર
ઇતિહાસ-રાજકારણમાં રુચિ ધરાવતો, ઘટનાઓના ઊંડાણમાં જઈને બૃહદ પરિપેક્ષથી જોવામાં-લખવામાં વિશેષ રસ ધરાવતો પત્રકાર. ક્યારેક લેખક, ક્યારેક રિસર્ચર, ક્યારેક ફેક્ટચેકર.

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