दिल्ली ब्लास्ट से जुड़े जैश-ए-मोहम्मद(JeM) आतंकी मॉड्यूल की जाँच कर रही सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी जानकारी हाथ लगी है। एजेंसियों की जाँच में बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जो अफगानिस्तान और POK में बैठे ‘विदेशी हैंडलर्स’ चला रहे हैं। इनका भारत में बैठे लोगों से सीधा संपर्क है, जिसमें दिल्ली ब्लास्ट का फिदायीन उमर नबी भी शामिल था।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, जाँच एजेंसियों ने दो विदेशी हैंडलर फैजल इश्फाक भट और डॉ. उकाशा की पहचान की है। ये दोनों ही फिलहाल अफगानिस्तान और POK में हैं। तीसरे हैंडलर की पहचान हाशिम के रूप में हुई है। हाशिम फरीदाबाद से पकड़े गए मौलवी इरफान अहमद और इस मॉड्यूल के बाकी सदस्यों के साथ टेलीग्राम से संपर्क में था।
वहीं विदेशी फंडिंग की आशंका के चलते जाँच एजेंसियों ने ₹2 लाख रुपए से अधिक राशि वाले बैंक खाते फ्रीज कर दिए गए हैं। इसके साथ ही कॉल, चैट और फंड रूट के डिजिटल ट्रेल्स की भी जाँच की जा रही है।
जम्मू-कश्मीर में JeM के पोस्टर लगाने वालों का विदेशी हैंडलर्स से संपर्क
जाँच एजेंसियों ने यह भी कहा कि विदेशी हैंडलर्स के स्थानीय लोगों से लिंक पिछले महीने भी सामने आए थे। जब 19 अक्टूबर 2025 को जम्मू-कश्मीर में जैश-ए-मोहम्मद के धमकी भरे पोस्टर के बाद जाँच शुरू की गई थी। जाँच में गिरफ्तार किए गए नाउगाम के यासिर-उल-अशरफ, आरिफ निसार और मकसूद अहमद दार ने ही पोस्टर बनाने से लेकर चिपकाने का काम किया था।
आरिफ ने पोस्टर में लिखी उर्दू भाषा को मोबाइल फोन से टाइप किया था और मकसूद ने उसे अपने घर के ही डिवाइस से प्रिंट किया था। तब पुलिस ने जाँच में पाया था कि आरिफ JeM के हैंडलर हंजुल्ला उर्फ उमर बिन खत्ताब से टेलीग्राम पर संपर्क में था।
उल्लेखनीय है कि दिल्ली के लाल किला के पास हुए ब्लास्ट की जड़ जम्मू-कश्मीर में लगे JeM के पोस्टरों से जुड़ी हुई हैं। पोस्टर के बाद ही जाँच एजेंसियों ने फरीदाबाद आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश किया। इसके बाद दिल्ली में धमाका हुआ और इससे जुड़े आतंकियों का सीधे JeM से लिंक भी मिला है।

