Homeदेश-समाजमुंडन समारोह में अनुसूचित जाति की गरीब महिलाओं को बुलाया: लालच देकर ईसाइयत अपनाने...

मुंडन समारोह में अनुसूचित जाति की गरीब महिलाओं को बुलाया: लालच देकर ईसाइयत अपनाने के लिए उकसाया, पुलिस ने एक महिला समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया, गोरखपुर की घटना

गोरखपुर के ब्रह्मसरी गाँव में मुंडन समारोह के दौरान दो लोगों ने हिंदू महिलाओं को लालच देकर धर्मांतरण कराने की कोशिश । पुलिस ने एफआईआर के आधार पर दोनों आरोपितों को गिरफ्तार किया।

गोरखपुर पुलिस ने शुक्रवार (5 दिसंबर 2025) को दो लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक महिला भी शामिल है। इनलोगों ने घर में मुंडन कार्यक्रम बोल कर गरीब महिलाओं को बुलाया था। महिलाओं को लालच देकर ईसाइयत अपनाने के लिए प्रेरित किया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मामले में दर्ज FIR की कॉपी ओपइंडिया के पास है।

गुरुवार (4 दिसंबर 2025) को दो आरोपित गाँव में पहुँचे और करीब 30 आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को अपने झाँसे में लेने लगे। उन्होंने महिलाओं से कहा कि यदि वे ईसाइयत अपना लें, तो उन्हें बेहतर जीवन, नकद, कष्टों से छुटकारा और हर परेशानी से मुक्ति मिलेगी। जब कुछ महिलाओं ने इसका विरोध किया, तो आरोपितों ने उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश की।

घटना की जानकारी बजरंग दल के सदस्यों को दी गई, जो तुरंत मौके पर पहुँचे। पुलिस को बुलाया गया और बजरंग दल के एक कार्यकर्ता की शिकायत पर FIR दर्ज हुई। पुलिस ने देवरिया के रहने वाले दो आरोपितों प्रदीप कुमार और रीना देवी को गिरफ्तार कर लिया। दोनों को शुक्रवार (5 दिसंबर 2025) को कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

FIR में क्या लिखा है?

FIR बजरंग दल गोरखपुर ग्रामीण के जिला सह-समन्वयक बिट्टू जायसवाल की शिकायत पर दर्ज की गई है। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318, 61 और 351(2) तथा उत्तर प्रदेश अवैध धर्मांतरण प्रतिषेध अधिनियम 2021 की धारा 3 और 5(1) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

स्रोत – यूपी पुलिस

अपनी शिकायत में बिट्टू जायसवाल ने बताया कि उन्हें विश्व हिंदू परिषद (VHP) के विभागीय संगठन मंत्री निखिल तोमारी से जानकारी मिली थी कि ब्रह्मसरी गाँव के हरिजन बस्ती में धर्मांतरण की गतिविधि चल रही है।

शिकायत में बताया गया कि प्रदीप और रीना ने सीता देवी के घर 25 से 40 महिलाओं को इकट्ठा किया और उन्हें आरामदायक जीवन, नकद, ईश्वरीय आशीर्वाद और सभी परेशानियों से मुक्ति का लालच देकर मानसिक दबाव बनाया।

आरोपित बाइबल दिखाकर ईसाई धर्म का प्रचार कर रहे थे, घर में प्रार्थना करा रहे थे और जो महिलाएँ मानने से इंकार करतीं, उन्हें धमका रहे थे। वहाँ मौजूद ज्यादातर महिलाएँ अनुसूचित जाति से थीं।

स्रोत – यूपी पुलिस

जायसवाल ने कहा कि आरोपित समाज सेवा का दिखावा कर रहे थे, जबकि असल में उनका मकसद महिलाओं का धर्मांतरण कराना था। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी गतिविधियाँ कमजोर वर्ग की महिलाओं को हिंदू धर्म छोड़ने के लिए लालच दिया जाता है, जो समाज और राष्ट्रहित दोनों के लिए नुकसानदायक है।

मीडिया से बात करते हुए बेलघाट थाने के SHO विकासनाथ ने बताया कि मामला बेहद संवेदनशील है और आरोप गंभीर हैं। पुलिस यह भी जाँच कर रही है कि क्या इस धर्मांतरण प्रयास में और लोग भी शामिल थे। उन्होंने कहा कि जाँच जारी है और जो भी जानकारी सामने आएँगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

(मूल रूप से ये खबर अंग्रेजी में अनुराग ने लिखी है, जिसको पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करे)

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

Anurag
Anuraghttps://lekhakanurag.com
Anurag is a Chief Sub Editor at OpIndia with over twenty one years of professional experience, including more than five years in journalism. He is known for deep dive, research driven reporting on national security, terrorism cases, judiciary and governance, backed by RTIs, court records and on-ground evidence. He also writes hard hitting op-eds that challenge distorted narratives. Beyond investigations, he explores history, fiction and visual storytelling. Email: [email protected]

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

कॉन्ग्रेस ने अडानी पर किया वार, चीन को पहुँचा सीधा फायदा: केन्या सरकार ने नैरोबी एयरपोर्ट का टेंडर बदला, चीनी कंपनी को 50% महंगे...

केन्या के नैरोबी एयरपोर्ट विस्तार प्रोजेक्ट में अडानी की जगह चीनी कंपनी को ठेका मिलने से आर्थिक और राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। इन सबमें चीन का नाम क्यों आ रहा है... आइए जानें

एक दीपक जलाने पर इस्लामी कट्टरपंथियों ने मचा दिया बवाल… केरल के निलाविलक्कु विवाद से क्या समझे आप? क्या सेक्युलर होने का ठेका सिर्फ...

फातिमा तहिलिया विवाद के बाद फिर उठे सवाल- जब दूसरे समुदाय अपनी धार्मिक सीमाएँ तय करते हैं, तो समायोजन की उम्मीद सिर्फ हिंदुओं से क्यों?
- विज्ञापन -