Homeदेश-समाजगाय काटने से इनकार किया तो मुस्लिमों ने जनजातीय युवक की कुल्हाड़ी से कर...

गाय काटने से इनकार किया तो मुस्लिमों ने जनजातीय युवक की कुल्हाड़ी से कर दी हत्या, पुलिस ने हसन-हुसैन को किया गिरफ्तार: गुजरात के नवसारी का मामला

डाभेल गाँव पहले भी विवादों में रहा है। 2023 में मारोली पुलिस ने अहमद मोहम्मद सुजान के घर पर छापा मारा, जो यहाँ 'स्नैक्स सेंटर' चला रहा था। तब पता चला कि वह लोगों को चिकन और मटन के नाम पर गोमांस से भरे समोसे बेच रहा था।

गुजरात के नवसारी जिले के डाभेल गाँव में एक हिंदू जनजातीय युवक दीपक कालिदास राठौड़ की सरेआम पिटाई कर हत्या कर दी गई। आरोप है कि यह हमला गाँव के कुछ मुस्लिम दबंगों ने किया जिनमें नाबालिग भी शामिल हैं। दावा किया गया है कि सभी आरोपित कसाईयों के परिवार से जुड़े हैं।

युवक ने एक वीडियो में बताया था कि वह कसाईयों के यहाँ काम करता था लेकिन जब उसे गाय काटने के लिए कहा गया तो उसने इनकार कर दिया। इसी वजह से उससे दुश्मनी के चलते हमला किया गया। 15 दिसंबर की शाम करीब 6:30 बजे, घर लौटते समय आरोपितों ने उसे कब्रिस्तान के पास रोककर गालियाँ दीं और कुल्हाड़ी से हमला किया।

गंभीर चोटें लगने के बाद उसे अस्पताल ले जाया गया लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। नवसारी पुलिस ने FIR दर्ज कर आरोपितों को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

इलाज के दौरान दीपक की हुई मौत, FIR में लगा हत्या का आरोप

दीपक को गंभीर चोटें लगने के बाद अस्पताल ले जाया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए। मारोली पुलिस की टीम भी पहुँची और दीपक के बयान के आधार पर FIR दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की।

पुलिस ने हसन मोहम्मद एकलवाया, हुसैन शौकत एकलवाया और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ BNS की धारा 115(2), 117(2), 352, 351(3), 54 और अत्याचार अधिनियम की धारा 3(1)(आर)(एस), 3(2)(5-ए) तथा गुजरात पुलिस अधिनियम की धारा 135 के तहत मामला दर्ज किया। बाद में दीपक की मौत हो गई और पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ हत्या की धारा भी इसमें जोड़ दी।

इस मामले में स्थानीय हिंदू संगठनों ने इलाज के दौरान दीपक का बयान वीडियो पर रिकॉर्ड किया, जो ऑपइंडिया के पास मौजूद है। वीडियो में दीपक ने बताया कि उसे इसलिए पीटा गया क्योंकि उसने आरोपितों को गाय काटने से मना किया था।

दीपक ने यह भी कहा कि आरोपित लंबे समय से उसे परेशान कर रहे थे और उसके परिवार ने पहले भी मारोली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। दीपक ने वीडियो में यह भी बताया कि पहले भी उनके साथ मारपीट हुई थी लेकिन मारोली पुलिस उनकी शिकायत सुनने को तैयार नहीं थी और उन्हें बार-बार बाहर निकाल दिया गया।

पुलिस क्या कह रही है?

नवसारी के डीएसपी (एससी/एसटी सेल) एच बी चंदू ने ऑपइंडिया को बताया कि पीड़ित परिवार ने पहले कोई आवेदन नहीं दिया था। हाल की घटना के बाद पुलिस ने FIR दर्ज की और दीपक की मृत्यु के बाद हत्या की धाराएँ भी जोड़ी गई हैं। उन्होंने कहा कि सभी आरोपितों को पकड़ लिया गया है और नवसारी पुलिस इस मामले में औपचारिक कार्रवाई कर रही है। भविष्य में अगर और आरोपित पाए गए तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होगी।

‘सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, दोषियों को न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए’: हिंदू कार्यकर्ता

दीपक को पहले भी गाय न काटने पर पीटा गया था। उस समय उसने मीडिया को बताया था कि मुस्लिम पुरुष उसे गाय काटने के लिए दबाव दे रहे थे और मना करने पर मारपीट कर रहे थे। यह वीडियो भी ऑपइंडिया के पास मौजूद है।

दीपक की मौत के बाद उसकी पत्नी ने पुलिस पर आरोप लगाया कि वह पहले दो बार पुलिस स्टेशन जाकर शिकायत दर्ज करा चुकी थी लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे उसके पति की हत्या हो गई।

हिंदू कार्यकर्ता जय पटेल नागराज ने ऑपइंडिया से बातचीत में कहा कि पुलिस ने सिर्फ तीन लोगों को आरोपित बनाया है जबकि घटना में तीन से ज्यादा लोग शामिल थे। उन्होंने कहा कि हिंदू समुदाय की माँग है कि आरोपितों को गाँव में सार्वजनिक रूप से पेश किया जाए और गुजरात में सख्त कार्रवाई की जाए।

पुलिस का कहना है कि सभी आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है और अन्य लोगों के शामिल होने को लेकर मामले की जाँच की जा रही है। नागराज ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए तत्कालीन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की भी माँग की।

पहले से भी विवादों में घिरा है ये गाँव

जलालपुर तालुका के डाभेल गाँव में मुस्लिम समुदाय बहुसंख्यक है जबकि हलपति हिंदू समुदाय की आबादी बहुत कम है। गाँव के निवासी शौकत एकलवाया उर्फ शौकत दम की छवि एक कट्टर मुस्लिम की मानी जाती है। उनके खिलाफ पहले भी गौहत्या और मारपीट के कई मामले दर्ज हो चुके हैं, जिन्हें पुलिस ने भी सत्यापित किया है।

स्थानीय लोग और हिंदू कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह मुस्लिम परिवार पूरे गाँव में भय का माहौल बना रखा है और कई निर्दोष लोगों को सरेआम पीटा जाता है लेकिन कोई शिकायत दर्ज नहीं करा सकता।

डाभेल गाँव पहले भी विवादों में रहा है। 2023 में मारोली पुलिस ने अहमद मोहम्मद सुजान के घर पर छापा मारा, जो यहाँ ‘स्नैक्स सेंटर’ चला रहा था। तब पता चला कि वह लोगों को चिकन और मटन के नाम पर गोमांस से भरे समोसे बेच रहा था और पिछले चार सालों से यह काम कर रहा था। इसके अलावा, गाँव के मुसलमान और आसपास के हिंदू भी इन समोसों का खा रहे थे। पुलिस ने अहमद को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई शुरू की।

वलसाड के सांसद ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की, कार्रवाई का आश्वासन दिया

दीपक की मौत के बाद स्थानीय भाजपा नेता अस्पताल पहुँचे और पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग की। इसके बाद वलसाड से भाजपा सांसद धवल पटेल भी दाभेल गाँव में मृतक के परिवार के घर पहुँचे। उन्होंने परिवार को न्याय का भरोसा दिलाया है।

धवल पटेल ने इस मौके पर खुद को जनजातीय और दलित समुदाय का मसीहा बताने वाले नेताओं पर कड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कुछ लोग जनजातीय समुदाय के नाम पर सिर्फ राजनीति करते हैं।

उन्होंने चैतर वासावा और अनंत पटेल जैसे नेताओं का नाम लेते हुए कहा कि ये नेता आदिवासियों के नाम पर नवसारी, अंबाजी, उमरगाम जैसे इलाकों में घूमते रहते हैं लेकिन जब किसी मुस्लिम द्वारा एक जनजातीय युवक की हत्या होती है, तो ये लोग सामने तक नहीं आते। धवल पटेल ने कहा कि ऐसे नेताओं की चुप्पी की वजह सिर्फ वोट बैंक की राजनीति है और वे अपने वोट खोने के डर से इस मामले पर बोलने से बच रहे हैं।

(मूल रूप से यह रिपोर्ट गुजराती में भार्गव राज्यगुरु ने लिखी है, जिसको पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें)

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ભાર્ગવ રાજ્યગુરુ
ભાર્ગવ રાજ્યગુરુ
Being learner, Spiritual, Reader

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

MOU के बाद भी सुस्ती में रहा तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश ने फुर्ती से पकड़े मझगाँव डॉक के ₹29000 करोड़: समझिए कैसे चंद्रबाबू नायडू के...

प्रोजेक्ट में राज्य सरकार और विशाखापत्तनम पोर्ट अथॉरिटी में ₹5289 करोड़ देंगे, जबकि MDL मुख्य निवेशक के रूप में ₹23964 करोड़ का निवेश करेगा।

पूरी तरह से ‘ड्राई स्टेट’ नहीं था लक्षद्वीप, 47 साल बाद सरकार ने बदले शराब के नियम: जानिए क्यों, कभी विकास परियोजनाओं के विरोध...

भारत के केंद्रशासित प्रदेश लक्षद्वीप में 47 वर्षों बाद शराब नीति में बदलाव करते हुए केंद्र सरकार ने लागू शराबबंदी कानून को समाप्त कर दिया है।
- विज्ञापन -