लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के डॉक्टर रमीज मलिक की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। धर्मांतरण, यौन शोषण और फर्जी निकाह के आरोपों में फरार चल रहे रमीज के खिलाफ बुधवार (7 जनवरी 2026) को पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की। लखनऊ और पीलीभीत पुलिस की संयुक्त टीम ने रमीज के पीलीभीत स्थित पैतृक घर पर कोर्ट के आदेश के बाद धारा-82 के तहत कुर्की का नोटिस चस्पा कर दिया है।
धर्मांतरण और यौन शोषण का गंभीर आरोप
पुलिस जाँच के मुताबिक, रमीज मलिक पर आगरा की एक हिंदू महिला डॉक्टर का जबरन धर्मांतरण कराने और धोखे से निकाह करने का आरोप है। पीड़ित महिला का आरोप है कि रमीज ने फर्जी निकाहनामा तैयार करवाकर लंबे समय तक उसका यौन शोषण किया। जब इस मामले की गहराई से जाँच हुई, तो कई चौंकाने वाले खुलासे हुए।
बिना दूल्हा-दुल्हन के ही पढ़ा दिया गया निकाह
लखनऊ पुलिस की जाँच में यह बात सामने आई कि यह पूरा निकाहनामा ही फर्जी था। पीलीभीत के काजी जाहिद हसन राना ने यह निकाह पढ़ाया था और शारिक नाम का युवक इसमें गवाह बना था। हैरान करने वाली बात यह है कि निकाह के वक्त न तो रमीज और न ही हिंदू महिला डॉक्टर पीलीभीत आए थे। घर बैठे ही केवल कागजों पर फर्जी निकाहनामा तैयार कर लिया गया था।
काजी और गवाह पर भी एक्शन की तैयारी
बुधवार (7 जनवरी 2026) को लखनऊ पुलिस ने पीलीभीत के फीलखाना इलाके में छापेमारी की। इस दौरान पुलिस ने काजी और गवाह से जुड़े कई अहम सुराग और दस्तावेज जुटाए हैं। पुलिस अब इन मददगारों पर भी शिकंजा कसने की तैयारी में है। डीआईजी (DIG) ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि मुख्य आरोपित रमीज मलिक की तलाश में दबिश दी जा रही है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

