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ईरान के इकलौते एक्टिव न्यूक्लियर प्लांट पर US-इजरायल का हमला, 240KM दूर बैठा कुवैत भी अलर्ट: जानें आखिर ‘बुशहर’ पर हमला क्यों रूस से दुश्मनी लेने के बराबर?

बुशहर ईरान का एकमात्र सक्रिय न्यूक्लियर पावर प्लांट है, जो करीब 1000 मेगावाट बिजली उत्पादन करता है। यह एक प्रेसराइज्ड वॉटर रिएक्टर है। जानिए अमेरिका और इजरायल के इस प्लांट पर हमले के बाद आखिर कैसे दुनिया की राजनीति बदलेगी? क्या है इस प्लांट से रूस का कनेक्शन?

ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच फारस की खाड़ी किनारे स्थित बुशहर न्यूक्लियर पावर प्लांट एक बार फिर वैश्विक चिंता का केंद्र बन गया है। ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन ने दावा किया कि अमेरिका और इजरायल ने मंगलवार (24 मार्च 2026) की शाम बुशहर प्लांट के आसपास हमला किया।

अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने पुष्टि की है कि हाल ही में एक प्रोजेक्टाइल प्लांट परिसर के भीतर आकर गिरा है, हालाँकि ईरान का कहना है कि इससे न तो रिएक्टर को कोई नुकसान हुआ और न ही किसी कर्मचारी को चोट लगी। हालाँकि विशेषज्ञ इसे बेहद संवेदनशील स्थिति मान रहे हैं, क्योंकि किसी भी चूक का असर पूरे खाड़ी क्षेत्र पर पड़ सकता है।

IAEA के महानिदेशक राफेल मारियानो ग्रोसी ने इस घटना पर चिंता जताते हुए सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। इससे पहले 17 मार्च 2026 को भी इसी इलाके के पास एक और प्रोजेक्टाइल गिरा था। हालाँकि दोनों ही घटनाओं में कोई भौतिक नुकसान नहीं हुआ, लेकिन IAEA ने चेतावनी दी है कि ‘करीबी हमले’ बड़े परमाणु हादसे का कारण बन सकते हैं।

रूस की सरकारी परमाणु एजेंसी Rosatom ने भी स्थिति को ‘नकारात्मक दिशा’ में जाता हुआ बताया है और अपने विशेषज्ञों को चरणबद्ध तरीके से हटाने की तैयारी शुरू कर दी है।

कुवैत की चेतावनी और क्षेत्रीय खतरा

बुशहर प्लांट पर हमले की खबरों के बाद खाड़ी देशों में चिंता बढ़ गई है। कुवैत ने अपने नागरिकों को संभावित रेडिएशन खतरे को लेकर अलर्ट जारी किया है। कुवैत के अधिकारियों ने लोगों को घरों के अंदर रहने, खिड़कियाँ-दरवाजे बंद रखने और बाहरी संपर्क कम करने की सलाह दी है।

हालाँकि उन्होंने यह भी कहा कि प्लांट लगभग 240 किलोमीटर दूर है, जिससे बड़े स्तर पर असर की संभावना कम है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यहाँ रेडिएशन लीक होता है, तो फारस की खाड़ी के पानी पर असर पड़ेगा, जिससे खाड़ी देशों के डीसैलिनेशन प्लांट और पीने के पानी की आपूर्ति पर गंभीर संकट आ सकता है।

बुशहर न्यूक्लियर प्लांट क्यों है इतना अहम?

बुशहर ईरान का एकमात्र सक्रिय परमाणु ऊर्जा संयंत्र है, जो करीब 1000 मेगावाट बिजली उत्पादन करता है। यह प्लांट 1970 के दशक में शाह मोहम्मद रजा पहलवी के दौर में शुरू हुआ था, लेकिन 1979 की इस्लामिक क्रांति और बाद में ईरान-ईराक युद्ध के दौरान इराकी हमलों के कारण इसका निर्माण रुक गया।

बाद में रूस की मदद से इसे पूरा किया गया और 2011 में यह राष्ट्रीय ग्रिड से जुड़ा। यह एक प्रेसराइज्ड वॉटर रिएक्टर है, जो कम-स्तर (लगभग 4.5%) समृद्ध यूरेनियम से चलता है और मुख्य रूप से नागरिक उपयोग के लिए बिजली पैदा करता है। हालाँकि इसकी उत्पादन क्षमता बड़ी है, लेकिन यह ईरान की कुल बिजली का सिर्फ 1-2% ही देता है।

इसके बावजूद यह देश के परमाणु कार्यक्रम और अंतरराष्ट्रीय निगरानी के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। बुशहर प्लांट सिर्फ ऊर्जा परियोजना नहीं रूस और ईरान के बीच गहरे रणनीतिक संबंधों का प्रतीक भी है। 1990 के दशक में दोनों देशों के बीच परमाणु सहयोग समझौता हुआ, जिसके तहत रूस ने न सिर्फ प्लांट पूरा किया बल्कि ईंधन और तकनीकी सहायता भी दी।

हाल के वर्षों में पश्चिम के साथ तनाव बढ़ने के बाद रूस और ईरान की नजदीकियाँ और बढ़ी हैं। ईरान ने रूस को ड्रोन और हथियार तकनीक दी, जबकि रूस ने लड़ाकू विमान और सैन्य सहयोग बढ़ाया। ऐसे में बुशहर पर खतरा सीधे रूस की चिंता भी बढ़ा रहा है।

मिसाइल-ड्रोन ताकत और युद्ध का खतरा

युद्ध से पहले ईरान के पास मध्य पूर्व का सबसे बड़ा बैलिस्टिक मिसाइल भंडार माना जाता था, जिसकी संख्या 2500 से 6000 के बीच आँकी जाती है। इनकी मारक क्षमता 2000 किमी तक है, जिससे इजरायल तक पहुँच संभव है। ईरान ने सस्ते लेकिन प्रभावी ड्रोन जैसे सीरीज विकसित किए हैं, जिन्हें रूस ने यूक्रेन युद्ध में भी इस्तेमाल किया।

ईरान हर महीने हजारों ड्रोन बनाने की क्षमता रखता है, जो उसे एक बड़ी सैन्य ताकत बनाता है। बुशहर जैसे सक्रिय परमाणु संयंत्र के पास हमले की घटनाएँ वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा रही हैं। इससे पहले रुस-यूक्रेन युद्ध में भी परमाणु संयंत्रों पर खतरे ने दुनिया को सतर्क किया था।

अब ईरान में ऐसी घटनाएँ यह संकेत देती हैं कि अगर तनाव और बढ़ा, तो परमाणु सुरक्षा एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय संकट बन सकती है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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